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पेंटिंग युद्ध : इसराइल से 12 दिन की जंग में अपनी फतह का एलान कर रहीं ईरान की दीवारें

शहीदों की याद में तेहरान की दीवारों पर सैयद अली मीरफतह की पेंटिंग प्रदर्शनी

News Bee: ईरान और इज़रायल के बीच 12 दिन चले युद्ध के ठीक एक सप्ताह बाद मशहूर ग्रैफिटी आर्टिस्ट, पेंटर और पत्रकार सैयद अली मीरफ्ताह ने अपनी नई पेंटिंग (Iran Israel War Painting) कलेक्शन “Immortal Name of Homeland” पेश की। इस कलेक्शन में इज़रायली हमलों में शहीद हुए ईरानी नागरिकों की तस्वीरें दीवारों पर उकेरी गई हैं।

58 वर्षीय सैयद अली मीरफतह ने तेहरान ब्यूटीफिकेशन ऑर्गेनाइजेशन से अनुमति लेने के बाद राजधानी की कई व्यस्त सड़कों की दीवारों पर इन शहीदों की पेंटिंग बनाई। उनका कहना है कि युद्ध के दौरान उन्हें असहायता का अहसास हुआ, लेकिन आठ साल चले ईरान-इराक युद्ध के दिनों की तरह उन्होंने फिर से शहर की दीवारों पर शहीदों की तस्वीरें उकेरने का फैसला किया। सैयद अली मीरफतह के मुताबिक अब तक 17 शहीदों की पेंटिंग पूरी हो चुकी है। उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती शहीदों की संपूर्ण तस्वीरें जुटाना है। इस दिशा में पत्रकारों और दोस्तों की मदद से अब तक करीब 200 शहीदों का डेटा इकट्ठा किया गया है। उन्होंने बताया कि संगठन के सहयोग से तेहरान की एक प्रमुख दीवार को “Immortal Name of Homeland” के रूप में समर्पित किया जाएगा, जहां सभी शहीदों की तस्वीरें बनाई जाएंगी। वर्तमान में इसके लिए उपयुक्त स्थान की तलाश की जा रही है।

यूनिवर्सिटी की दीवारों पर भी पेंटिंग

मीरफतह ने यूनिवर्सिटी ऑफ तेहरान की दीवारों पर भी पेंटिंग (Iran Israel War Painting) बनाई है। उनका कहना है कि वे केवल चेहरों तक सीमित नहीं रहना चाहते थे, बल्कि शहीदों की फुल-लेंथ इमेज बनाकर उन्हें आम नागरिक की तरह प्रस्तुत करना चाहते थे। उन्होंने बताया कि पेंटिंग के लिए स्टैंसिल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। पहले एक्स-रे फिल्मों पर रेजर ब्लेड से आकृतियां काटी जाती थीं, अब प्लास्टिक शीट का उपयोग कर स्टैंसिल तैयार किए जाते हैं। स्टूडियो में तैयारी के बाद दीवारों पर इन्हें जल्दी से पूरा किया जा सकता है।

विदेशों में भी हो रही पेंटिंग की तारीफ

Iran Israel war on wall painting

Iran Israel war on wall painting

मीरफतह ने यह भी कहा कि वे इन स्टैंसिल्स को दूसरे कलाकारों के साथ साझा करेंगे ताकि तेहरान के बाहर भी शहीदों की पेंटिंग बनाई जा सके। लोगों की प्रतिक्रिया पर उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर देश और विदेश से लोगों ने इसे सराहा है। खासकर शहीद परिवारों ने इसे देख सुकून महसूस किया। शहर की खूबसूरती और आर्किटेक्चर को लेकर मीरफतह ने कहा कि तेहरान की विजुअल आइडेंटिटी को बेहतर बनाने की जरूरत है। जरूरत से ज्यादा प्रोपेगेंडा स्टाइल और सिंबल्स ने पहले के म्यूरल्स का असर कम किया है। अब समय है कि पेशेवर कलाकारों और आर्किटेक्ट्स को मौका दिया जाए ताकि शहर की पहचान और आकर्षण बढ़ सके।

नई पीढ़ी के कलाकारों पर उन्होंने भरोसा जताया और कहा कि अगर अवसर मिले तो वे और भी उम्दा काम कर सकते हैं। मीरफतह एक जाने-माने पत्रकार भी हैं। उन्होंने कई मैगज़ीन और डेली अखबारों में संपादकीय काम किया है। साथ ही किताबें लिखीं और ईरानी फिल्मों के लिए पोस्टर डिजाइन किए।

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