Jamshedpur : जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र में पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म (Parsudih Rape) का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि मकान मालिक के बेटे ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया और पुलिस ने आरोपी को रविवार रात को गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेज दिया। लेकिन इसके ठीक बाद मकान मालिक ने पीड़िता की बुआ से मकान खाली करवा दिया, जिससे पीड़ित परिवार बेघर हो गया है।
बच्ची को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसके परिजनों को लगातार धमकियां मिल रही हैं। कहा जा रहा है कि कुछ लोग अस्पताल पहुंच कर केस खत्म करने और समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए अब अस्पताल में महिला सिपाही की तैनाती कर दी गई है और सिविल सर्जन के निर्देश पर अस्पताल में आने वालों की जांच की जा रही है ताकि कोई अराजक तत्व पीड़ित परिवार तक न पहुंच सके।
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मंगलवार को भाजपा के जिला अध्यक्ष सुधांशु ओझा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल से मुलाकात कर सुरक्षा की मांग की। बाद में विधायक पूर्णिमा साहू भी अस्पताल पहुंचीं और बच्ची के स्वास्थ्य की जानकारी ली।
क्या है पूरा मामला
पीड़िता पोटका प्रखंड के कोवाली की रहने वाली है और करनडीह में अपनी बुआ के घर रह रही थी। वह चैतान हेंब्रम के मकान में किराए पर रहती थी। शुक्रवार को बच्ची ने तबीयत खराब होने की शिकायत की, जिसके बाद डॉक्टर को दिखाया गया। जब आराम नहीं हुआ तो बच्ची ने अपनी बुआ को बताया कि मकान मालिक का बेटा सुसेन हेंब्रम उसे घर के पीछे ले गया था और उसके साथ गलत हरकत (Parsudih Rape) की थी।
पहले परसुडीह थाने में एफआईआर दर्ज नहीं हो रही थी और मामला दबाने की कोशिश की जा रही थी। इसकी जानकारी मिलते ही भाजपा नेताओं ने हस्तक्षेप किया, एसएसपी से बात की और फिर एफआईआर दर्ज कराई गई। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
भटक रहा है परिवार, बेघर होने का दर्द
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही मकान मालिक ने पीड़िता की बुआ को मकान खाली करने को कहा। पीड़ित परिवार फिलहाल इधर-उधर भटक रहा है। इलाके के लोगों का कहना है कि एक तरफ मासूम बच्ची के साथ इतना बड़ा अपराध हुआ, ऊपर से परिवार को घर से निकाल कर और पीड़ा दी गई। बच्ची की हालत स्थिर होने के बाद मकान खाली कराया जाता तो बेहतर होता।
परिवार को मिल रही धमकियां
परिजनों ने बताया कि अस्पताल में कुछ लोग आकर धमकी दे रहे हैं कि केस खत्म करें और समझौता कर लें। इसे लेकर भाजपा नेताओं ने सिविल सर्जन से शिकायत की, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अब परिवार से मिलने आने वालों की जांच की जाएगी।
बुधवार को भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल एसएसपी से मिलकर मामले की गंभीरता से जांच और पीड़ित परिवार की सुरक्षा की मांग करेगा। प्रतिनिधिमंडल में भाजपा जिला कार्यालय प्रभारी सुबोध झा, एसटी मोर्चा के अध्यक्ष रमेश बास्के, युवा मोर्चा अध्यक्ष नीतीश कुमार, जिला परिषद सदस्य कुसुम पूर्ति, सुंदरनगर मंडल अध्यक्ष अमित मिश्रा समेत कई अन्य नेता शामिल थे।




