Seraikela (Jharkhand) : सरायकेला नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी समीर बोदरा को सस्पेंड कर (Seraikela Officer Suspended) दिया गया है। समीर बोदरा के खिलाफ चाईबासा के महिला थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज है। समीर बोदरा एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही फरार चल रहे हैं। कोर्ट से उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी हुआ है।
वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने कई बार उनके घर और कार्यालय में उनकी तलाश की। लेकिन वह नहीं मिले। बताया जा रहा है कि कार्यपालक पदाधिकारी के निलंबन की कार्रवाई सरायकेला खरसावां के डीसी की रिपोर्ट के आधार पर हुई है। चाईबासा की सदर महिला थाना पुलिस ने उपायुक्त को रिपोर्ट भेज कर समीर बोदरा के खिलाफ कार्रवाई (Seraikela Officer Suspended) की सिफारिश की थी।
इसी के बाद डीसी ने सरकार को रिपोर्ट भेजी थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि सरायकेला नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी समीर बोदरा के खिलाफ 28 फरवरी को चाईबासा के महिला थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया गया है। इसके बाद से समीर बोदरा फरार चल रहे हैं। वह अपने ऑफिस भी नहीं आ रहे हैं। कोर्ट की तरफ से गैर जमानती वारंट भी जारी है। सरकार ने इसे एक लोक सेवक के लिए गंभीर और अनुचित आचरण मानते हुए उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। साथ ही मामले की प्रशासनिक जांच के भी आदेश दिए गए हैं।
निलंबन की अवधि के दौरान समीर बोदरा को सरायकेला-खरसावां जिले के उपायुक्त कार्यालय में संबद्ध किया गया है। इस दौरान उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद सरायकेला-खरसावां जिले के प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। कहा जा रहा है कि समीर बोदरा पर लगातार दबाव बन रहा है और उन्हें अब कोर्ट में पेश होना ही पड़ेगा।
गौरतलब है कि पश्चिमी सिंहभूम के कुमारडुंगी की रहने वाली एक महिला ने सरायकेला नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी समीर बोदरा पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इसी के बाद उनके खिलाफ यह कार्रवाई चल रही है।
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