Jamshedpur : सीपी कबीर क्लब (टुईलाडूंगरी) में क्लब प्रांगण में अध्यक्षा देवकी साहू की अध्यक्षता में पारंपरिक त्यौहार पोरा तिहार (Jamshedpur Pora Tihar Festival) बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
छत्तीसगढ़ी परंपरा के इस पर्व पर बैलों की पूजा कर धान के परिपक्व होने की खुशी मनाई जाती है। सुबह से ही बैलों को नहलाकर सजाया गया और पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर घर में बने पारंपरिक पकवान जैसे मीठा चीला, नारियल, गुलगुला, ठेठरी, खुरमी, अईरसा, चौसेला, खीर, पुड़ी-बड़ा आदि चढ़ाए गए। इसके बाद प्रसाद के रूप में इन्हें बैलों को खिलाया गया।
पोरा तिहार (Jamshedpur Pora Tihar Festival) पर बेटों द्वारा मिट्टी और लकड़ी से बने बैल चलाने की परंपरा निभाई गई, ताकि उन्हें खेती-किसानी और बैल सेवा का महत्व समझाया जा सके। वहीं, बेटियों को मिट्टी से बने खिलौने (पोरा-जाता, चूल्हा, कढ़ाई-बर्तन आदि) दिए गए, ताकि उन्हें घर-गृहस्थी की जिम्मेदारियों का एहसास कराया जा सके।
इसे भी पढ़ें – टाटा मोटर्स में 12.30 प्रतिशत मिलेगा बोनस, 75 323 रुपए मिलेगी अधिकतम राशि, मजदूरों में खुशी की लहर+ VDO
कार्यक्रम के दौरान समिति की ओर से सभी सुहागन महिलाओं को तीज के उपलक्ष्य में श्रृंगार का सामान जैसे आलता, सिंदूर, बिंदी, मेहंदी, नेल पॉलिश आदि भेंट किया गया। महिलाओं के बीच सखी सहेली बॉल प्रतियोगिता आयोजित हुई, साथ ही सामूहिक रूप से सुवा नृत्य भी प्रस्तुत किया गया।
छत्तीसगढ़ी परंपरा के अनुसार इस दिन भाई अपनी विवाहित बहनों के ससुराल जाकर गुलगुला, मीठा चीला व अन्य पकवान भेंट करते हैं। इसके बाद बहनें मायके आकर हरतालिका तीज का व्रत करती हैं।
इस आयोजन में देवकी साहू, हेमा साहू, जमुना देवी, मंजू साहू, पुष्पा, बेबी, मंजू, गौरी, मैना देवी, ननेश्वरी, सावित्री, जुगबती, हर्षा, कमला, ललिता, सरस्वती, ओमलता, जयश्री और रूपा सहित कई महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।




