Jamshedpur : झारखंड के जमशेदपुर जिले के परसुडीह थाना क्षेत्र में एक 5 वर्षीय आदिवासी बच्ची से दुष्कर्म ( Parsudih Rape) का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। इस घटना के बाद पुलिस की शुरुआती प्रतिक्रिया पर गंभीर सवाल उठे हैं, जिससे स्थानीय समुदाय और राजनीतिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है।
Parsudih Rape: घटना और पुलिस पर लगे आरोप
यह अमानवीय घटना बीते शुक्रवार दोपहर 2 बजे की बताई जा रही है। बच्ची की मां ने बताया कि बेटी की तबीयत खराब होने पर वे उसे डॉक्टर के पास ले गईं। डॉक्टर ने सामान्य मौसमी बुखार बताकर दवाएं दीं। हालांकि, जब बच्ची की हालत में सुधार नहीं हुआ और मां ने उससे पूछा, तो बच्ची ने जो बताया, उसने सभी को स्तब्ध कर दिया। बच्ची ने बताया कि सुसेन हेंब्रम नामक व्यक्ति ने उसे घर के पीछे ले जाकर गलत काम (Parsudih Rape) किया था।
यह सुनकर बच्ची के परिजन तुरंत परसुडीह थाना पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। लेकिन, परिजनों और भाजपा नेताओं का आरोप है कि शुरुआत में पुलिस मामला दर्ज करने में टालमटोल करती रही। नेताओं के दबाव बनाने के बाद ही पुलिस बच्ची को मेडिकल जांच के लिए भेजने को तैयार हुई। इस कथित असंवेदनशीलता के आरोप में स्थानीय लोग और भाजपाई थाने के बाहर प्रदर्शन करने लगे।
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त्वरित कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी
मामले की जानकारी मिलने पर भाजपा नेता परसुडीह थाना पहुंचे, जिनमें सुंदरनगर मंडल के अध्यक्ष अमित मिश्रा, जिला भाजपा के मुख्यालय प्रभारी सुबोध झा, युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष नीतीश कुमार, प्रदीप मुखर्जी, आनंद शर्मा, अनमोल वर्मा, गोविंद पोथी, मनोज सिंह, अशोक पात्रो, नीरज सिंह, अखिल कुमार, विनोद सुंडी, केशोराय और सैकड़ों कार्यकर्ता व बस्तीवासी शामिल थे।
भाजपा कार्यकर्ताओं के दबाव और सार्वजनिक आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर ली है और आरोपी सुसेन हेंब्रम को गिरफ्तार कर लिया गया है। बच्ची को भी इलाज और आगे की जांच के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर बच्चियों की सुरक्षा और पुलिस की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




