Jamshedpur : साकची स्थित झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिला पार्टी कार्यालय में गुरुवार दोपहर 2 बजे एक शोकसभा (Jamshedpur Shibu Soren Tribute) का आयोजन किया गया। यह सभा झामुमो के पितृपुरुष और झारखंड आंदोलन के अग्रदूत दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि Jamshedpur Shibu Soren Tribute) अर्पित करने के लिए आयोजित की गई थी।
इस अवसर पर झामुमो के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दिशोम गुरु के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सभा में उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया। इसके साथ ही, दिशोम गुरु द्वारा लिखित पुस्तक ‘चलें गांव की ओर’ का उल्लेख करते हुए भी दो मिनट का मौन रखा गया।
इसे भी पढ़ें – गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत पर पटना से निकलेगी जागृति यात्रा, सितंबर के पहले सप्ताह में पहुंचेगी जमशेदपुर
झामुमो के जिला संयोजक बाघराय मार्डी ने कहा कि दिशोम गुरु ने झारखंड की अस्मिता के लिए अपने जीवन का संपूर्ण समर्पण कर दिया था। उन्होंने किसानों के अधिकारों और सम्मान के लिए लंबा संघर्ष किया। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।
पूर्व सांसद एवं झामुमो नेत्री सुमन महतो ने कहा कि दिशोम गुरु के जाने से आज झारखंड ही नहीं, बल्कि देश का मजदूर और किसान भी शोक में डूबा है। उन्होंने कहा कि उनका सपना था कि झारखंड का हर नागरिक स्वाभिमान के साथ जिए।
शोकसभा को संबोधित करते हुए झामुमो के जिला संयोजक सागेन पूर्ति ने कहा कि दिशोम गुरु ने ग्रामीणों, किसानों और मजदूरों को जागरूक करने के लिए स्वयं लेखनी उठाई और कई किताबें लिखीं। उन्होंने 34 दिन लंबी पदयात्रा भी की थी और जागरूकता रथ यात्रा के माध्यम से गांव-गांव में चेतना जगाई थी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभा का समापन दिशोम गुरु की यादों को साझा करते हुए हुआ।
