Jamshedpur (Jharkhand) : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से शनिवार को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना प्रदर्शन (Jamshedpur JMM Protest) का आयोजन किया गया। इस धरना में बड़ी संख्या में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
धरना में शामिल नेताओं ने केंद्र सरकार पर मनरेगा योजना का नाम बदलकर “जी राम जी” किए जाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि भारतीय जनता पार्टी ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से योजनाओं के नाम बदल रही है। साथ ही मनरेगा की फंडिंग व्यवस्था में भी बदलाव कर दिया गया है।
नेताओं ने बताया कि पहले मनरेगा में केंद्र सरकार 90 प्रतिशत और राज्य सरकार 10 प्रतिशत अनुदान देती थी, जिसे अब बदलकर 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य सरकार पर डाल दिया गया है। झामुमो नेताओं का कहना है कि झारखंड पर पहले से ही केंद्र सरकार का करीब 1,36,000 करोड़ रुपये बकाया है, ऐसे में राज्य पर हर साल लगभग 1500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ डालना अनुचित है।
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(Jamshedpur JMM Protest) धरना को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि नाम बदलने और फंड में कटौती से ग्रामीणों के जीवन पर सीधा असर पड़ेगा। पहले से ही ग्रामीण क्षेत्रों में हालात खराब हैं और रोजगार की कमी के कारण लोग पलायन को मजबूर हो रहे हैं। झामुमो ने केंद्र सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की।




