निवेशकों के लिए खुलेंगे पर्यटन के द्वार, दावोस में तैयार होगा विदेशी निवेश का खाका
Ranchi: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के जरिए झारखंड दुनिया के लिए पर्यटन (Jharkhand Tourism) के क्षेत्र में अनंत अवसरों का द्वार खोलने के लिए तैयार है। निवेश के जरिए झारखंड के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड दुनिया के प्रकृति प्रेमियों की सैरगाह बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में प्रकृति प्रेमियों, अध्यात्म की खोज करने वालों, इतिहास में रुचि रखने वालों और रोमांच के शौकीनों को झारखंड आमंत्रण की दावत देंगे। जोहार से अपने मेहमानों का स्वागत करने वाला युवा झारखंड पर्यटन के क्षेत्र में ऊंची छलांग लगाने जा रहा है।
Jharkhand Tourism: झारखंड के टूरिस्ट स्पॉट विदेशी सैलानियों का मनपसंद डेस्टिनेशन बनेंगे
झारखंड टूरिस्ट स्पॉट से भरा पड़ा है। यहां एक से बढ़कर एक पर्यटन स्थल हैं। सड़कों के किनारे फैले जंगल, पहाड़ों की घाटियों में बसे पारंपरिक गांव, चट्टानों से होकर बहती नदियां, हुंडरू, दशम, जोन्हा जैसे झरने विदेशी सैलानियों का स्वागत करने के लिए तैयार हैं। झारखंड की राजधानी रांची खुद झरनों का शहर कही जाती है। पर्वत श्रृंखलाओं से घिरे नेतरहाट को पहाड़ों की रानी कहते हैं। और, कुदरती हरियाली की गोद में बसा मैकलुस्कीगंज। इसे एंग्लो इंडियन का गांव कहा जाता है।
यहां विदेशी सैलानियों के लिए रोमांस भरे पल मौजूद हैं। झारखंड सरकार ने प्रदेश के पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने का जो खाका तैयार किया है, उसमें यहां विदेशी निवेश को आकर्षित करना भी शामिल है। विदेशी निवेश के लिए झारखंड के पर्यटन स्थलों को खोला जाएगा।
Jharkhand Tourism: लोक संस्कृति भी है समृद्ध
प्राकृतिक सौंदर्य के साथ ही झारखंड में आदिवासी विरासत भी मजबूत है। आदिवासी समुदायों के पर्व-त्यौहार, रीति रिवाज आदि परंपराएं भी झारखंड की संस्कृति को एक अलग आयाम देती हैं। यहां की सोहराय और कोहबर भित्ति, चित्रकला, पैतकर पेंटिंग, डोकरा आर्ट छऊ नृत्य आदि सैलानियों को पसंद आएंगे।
धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन का अलग मुकाम
झारखंड में धार्मिक पर्यटन भी अपना अलग मुकाम रखता है। यहां के आध्यात्मिक और ऐतिहासिक स्थलों में देवघर का बैद्यनाथ धाम, बासुकीनाथ धाम, अंजन धाम, रामरेखा धाम, रजरप्पा, देवड़ी मंदिर, पहाड़ी मंदिर जैसे पवित्र स्थल मौजूद हैं, तो नवरत्न गढ़ स्थित प्राचीन किला, मेगालिथिक धरोहर और मलूटी मंदिर जैसे ऐतिहासिक स्थल भी पर्यटकों को लुभा रहे हैं।
झारखंड का वाइल्डलाइफ एडवेंचर भी है अलग
प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर ट्रैकिंग, ट्रायल साइकलिंग, रॉक क्लाइंबिंग, वॉटरफॉल रैपलिंग, पैराग्लाइडिंग, जंगल ट्रैकिंग आदि के अवसर भी मौजूद हैं। इसके अलावा, पलामू टाइगर रिजर्व, पालकोट वन्य जीव अभयारण्य, भेड़िया अभयारण्य, दलमा हाथी अभयारण्य, उद्धव बर्ड सैंक्चुअरी और हजारीबाग में कोडरमा वन्य जीव अभयारण्य भी वाइल्डलाइफ एडवेंचर को अलग पहचान देते हैं।
19 जनवरी से शुरू होगा वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2026 19 जनवरी से 23 जनवरी तक दावोस में आयोजित है। झारखंड सरकार ने यहां अपने पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने का प्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में इस फोरम में भाग लेने के लिए झारखंड सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल विदेश यात्रा पर है। शनिवार को प्रतिनिधिमंडल ने इंडियन पवेलियन परिसर स्थित झारखंड पवेलियन का भ्रमण किया। दावोस में झारखंड की भागीदारी इलेक्ट्रिक, मोबिलिटी ऊर्जा, सुरक्षा, पर्यावरण, वन और जैव अर्थव्यवस्था, पर्यटन और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित होगी।




