Jamshedpur : झारखंड की राजनीति में गुरुवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला। पूर्वी सिंहभूम जिले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को तगड़ा झटका (Jamshedpur Politics )लगा है। जिला परिषद उपाध्यक्ष और भाजपा के पूर्व ग्रामीण जिलाध्यक्ष सहित कई प्रभावशाली नेता गुरुवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) में शामिल हो गए।
ये सभी नेता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलने रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में उन्हें औपचारिक रूप से झामुमो की सदस्यता दिलाई गई। कार्यक्रम में झामुमो के वरिष्ठ नेताओं और संगठन के पदाधिकारियों की उपस्थिति रही।
भाजपा (Jamshedpur Politics ) छोड़ने वाले नेताओं ने कहा कि वे झामुमो की विचारधारा, झारखंड सरकार की विकासपरक नीतियों और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व से प्रभावित हैं। उनके अनुसार, राज्य में हो रहे जनहितकारी कार्यों को देखते हुए उन्होंने झामुमो के साथ आने का फैसला किया।
झामुमो में शामिल होने वालों में पूर्वी सिंहभूम जिला परिषद के उपाध्यक्ष पंकज सिन्हा, भाजपा के पूर्व ग्रामीण जिलाध्यक्ष और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सौरभ चक्रवर्ती, घाटशिला के पूर्व मंडल अध्यक्ष कौशिक सिन्हा, मुसाबनी के पूर्व मंडल अध्यक्ष तुषार पात्रो, भाजपा के मीडिया प्रभारी सुरेश महाली और जंबू अखाड़ा जमशेदपुर के अध्यक्ष बंटी सिंह शामिल हैं।
इन नेताओं के शामिल होने से जिला राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। संगठनात्मक स्तर पर भाजपा के लिए यह चुनौतीपूर्ण स्थिति है, क्योंकि ये नेता अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभाव रखते थे।
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पूर्वी सिंहभूम में यह राजनीतिक फेरबदल आने वाले समय में चुनावी रणनीति और स्थानीय समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। भाजपा के नेताओं के झामुमो में चले जाने के बाद घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में JMM की स्थिति मजबूत हुई है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं।




