जमशेदपुर (झारखंड) : छोटा गोविंदपुर जलापूर्ति (Govindpur Water Supply) योजना की बदहाल व्यवस्था से दो लाख से अधिक लोग हर महीने जल संकट झेल रहे हैं। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की लापरवाही और जेमिनी इंटरप्राइजेज द्वारा बार-बार जलापूर्ति बंद किए जाने से स्थिति गंभीर हो गई है। मंगलवार को जिला परिषद सदस्य डॉ. परितोष सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी से मुलाकात कर जलापूर्ति ( Govindpur Water Supply) बहाल करने की मांग की। इसके बाद डीसी के निर्देश पर शाम को पानी की आपूर्ति शुरू की गई।
विभाग की लापरवाही और भुगतान विवाद
जेमिनी इंटरप्राइजेज का कहना है कि विभाग ने महीनों से बकाया भुगतान नहीं किया है। इसी कारण हर तीन-चार महीने में जलापूर्ति बाधित करनी पड़ती है। पाइपलाइन टूटने, इंटक वेल खराब होने और अशुद्ध पानी की आपूर्ति से लोगों की परेशानी बढ़ रही है। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और अनियमितता के कारण करोड़ों खर्च होने के बावजूद योजना का लाभ गांवों तक नहीं पहुंच रहा है।
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जुस्को को संचालन सौंपने की मांग
पंचायत प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि छोटा गोविंदपुर जलापूर्ति प्लांट का संचालन जुस्को (JUSCO) वर्तमान में टाटा स्टील यूआईएसएल को सौंपा जाए ताकि उपभोक्ताओं से जलकर वसूली, बेहतर प्रबंधन और स्थायी समाधान हो सके। डीसी ने गंभीरता को देखते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी को जल्द त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित करने का निर्देश दिया है।
इस अवसर पर उप प्रमुख शिव कुमार हंसदा, पंचायत समिति सदस्य सतवीर सिंह बग्गा, मनोज कुमार, सुशील कुमार यादव, संगीता पात्रो, जस्मीन गुड़िया, सोनिया भूमिज और राजू पात्रो मौजूद रहे।




