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9 से 11 जनवरी तक गोपाल मैदान में पहला पूर्वी सिंहभूम साहित्य उत्सव, देश के नामचीन साहित्यकार होंगे शामिल+VDO

Jamshedpur : जिला प्रशासन, पूर्वी सिंहभूम की ओर से प्रथम पूर्वी सिंहभूम साहित्य उत्सव (Jamshedpur Literature Festival) का आयोजन 9 से 11 जनवरी 2026 तक जमशेदपुर के बिष्टुपुर के गोपाल मैदान में किया जा रहा है। आयोजन को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी, धालभूम अर्नव मिश्रा ने डीसी ऑफिस सभागार में प्रेस वार्ता कर पत्रकारों को (Jamshedpur literature Festival) विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि यह साहित्य उत्सव साहित्य, कला, संस्कृति और जनजातीय विरासत के संरक्षण व संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। तीन दिवसीय इस उत्सव में जिला, राज्य और देश के प्रतिष्ठित साहित्यकार, कवि, लेखक, इतिहासकार, विचारक और सांस्कृतिक कर्मी भाग लेंगे।

अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन, पूर्वी सिंहभूम की ओर से जिले के सभी साहित्यप्रेमियों, विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों से अपील है कि वे बड़ी संख्या में शामिल होकर इस साहित्यिक महोत्सव को सफल बनाएं।

Jamshedpur Literature Festival: आमंत्रित लेखक एवं वक्ता

साहित्य उत्सव में पद्मश्री डॉ. जानुम सिंह सोय, पद्मश्री हलधर नाग, पद्मश्री डॉ. पुष्पेश पंत, डॉ. नारायण उरांव, डॉ. अनुज लुगुन, डॉ. पार्वती तिर्की, डॉ. अशोक कुमार सेन, डॉ. प्रज्ञा शर्मा, डॉ. हिमांशु बाजपेयी, डॉ. सुरिंदर सिंह जोधका, डॉ. नेहा तिवारी, जेरी पिंटो, नीलोत्पल मृणाल, चंद्रहास चौधरी, महादेव टोप्पो, संजय कच्छप, निरंजन कुजूर, रणेन्द्र कुमार, रजा काजमी, बिक्रम ग्रेवाल, अक्षय बहिबाला, राहुल पंडिता, सौरव रॉय, प्रेमचंद उरांव, रविंद्रनाथ मुर्मू, यदुवंश प्रणय, अनुकृति उपाध्याय, जोबा मुर्मू, शताब्दी मिश्रा सहित अनेक साहित्यकार शामिल होंगे।

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प्रतिदिन के कार्यक्रमों की सूची

प्रथम दिवस : 9 जनवरी 2026

* 10:00–10:15 : उद्घाटन समारोह

* 10:15–11:00 : झारखंड – आदिवासी भाषा-साहित्य की विश्व दृष्टि

* 11:00–11:45 : आदिवासी इतिहास का अध्याय

* 12:00–12:45 : A Good Life – Jerry Pinto की पुस्तक पर चर्चा

* 12:45–1:30 : “होर रोर” की कहानी

* 3:00–3:45 : मिट्टी की भाषा

* 4:15–5:00 : रानी लक्ष्मीबाई की दास्तान

द्वितीय दिवस : 10 जनवरी 2026

* 10:15–11:00 : पुस्तकालय से जन आंदोलन तक

* 11:00–11:45 : कुड़ुख भाषा साहित्य पर वार्ता

* 12:00–12:45 : Tasting History

* 12:45–1:30 : लोकस्वर की जीवंत परंपरा

* 3:00–3:45 : Caste, Class and Village of Contemporary India

* 4:15–5:00 : नीलोत्पल मृणाल के बायस्कोप से देखी दुनिया

तृतीय दिवस : 11 जनवरी 2026

* 10:15–11:00 : Two Languages, One Inner World

* 11:00–11:45 : महाश्वेता देवी सदी स्मरण

* 12:00–12:45 : Beyond the Jungle Book

* 12:45–1:30 : Finding Your Voice (युवाओं से संवाद)

* 3:00–3:45 : When the Camera Comes Home

* 4:15–5:00 : अदृश्य कहानियों का कथाकार

* 5:30–6:00 : समापन समारोह

अन्य आकर्षण

साहित्यिक सत्रों के साथ लाइव ग्लिटर आर्ट, लाइव पेंटिंग, लाइव पॉटरी, लाइव बैंड परफॉर्मेंस, जनजातीय नृत्य से पारंपरिक स्वागत, नाट्य प्रस्तुति ‘लोहे का आदमी और लोहारिन’, छऊ नृत्य, जनजातीय खेल और पुस्तक/कहानी स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र होंगे।

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