Jamshedpur (Jharkhand) : जमशेदपुर में वन्यजीव तस्करी का नेटवर्क लगातार मजबूत होता जा रहा है। लौह नगरी में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से तोते समेत अन्य वन्यजीवों (Jamshedpur Parrot Recovery) की खरीद-फरोख्त की जा रही है, लेकिन वन विभाग अब तक इस नेटवर्क की जड़ तक नहीं पहुंच पाया है। हाल के दिनों में विभाग की कार्रवाई केवल छोटे तस्करों तक सीमित दिख रही है, जबकि मुख्य सरगना अब भी खुलेआम सक्रिय हैं।
ताजा मामले में वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल से मिले इनपुट के आधार पर वन विभाग की टीम ने साकची गोलचक्कर के पास देर रात छापेमारी की। इस दौरान एक ऑटो को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें अभय गुप्ता नामक युवक के पास से करीब 35 तोते (Jamshedpur Parrot Recovery) बरामद किए गए। पूछताछ में उसकी निशानदेही पर गुड्डू और समीर अंसारी को भी हिरासत में लिया गया।
दोनों आरोपियों के पास से लगभग 42 और तोते, एक बड़ा मोर का पंख और हिरण की एक सींग बरामद हुई। इस तरह कुल 70 से अधिक तोते जब्त किए गए। सभी तोतों को सुरक्षित रेस्क्यू कर वन विभाग की निगरानी में रखा गया है।
मामले को लेकर डीएफओ सबा आलम ने बताया कि वन्यजीवों की अवैध खरीद-फरोख्त की सूचना पर त्वरित कार्रवाई की गई है। तीनों आरोपियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आरोपी तोते और हिरण की सींग कहां से लाए थे। सूत्रों का कहना है कि मामले को सीमित रखने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब तक वन विभाग बड़े तस्करों और पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक वन्यजीव तस्करी पर लगाम लगाना मुश्किल होगा।
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बताया जा रहा है कि जमशेदपुर में केवल तोते ही नहीं, बल्कि लेपर्ड की खाल और सफेद मूंगा की तस्करी भी होती रही है, जिससे झारखंड में वन्यजीव संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।




