Jamshedpur : टाटा मोटर्स (Jamshedpur Tata Motors) कर्मियों के वेतन में इस महीने 5000 रुपये तक की कटौती कर दी गई है। यह कटौती एचपीईवी मद में की गई है। इस कटौती से टाटा मोटर्स कर्मियों (Jamshedpur Tata Motors) में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि पहली बार इस तरह की भारी-भरकम कटौती से उनका बजट बिगड़ गया है। हालांकि, कंपनी के खिलाफ कोई मुंह खोलना नहीं चाहता।
टेल्को वर्कर्स यूनियन ने इस कटौती का विरोध करते हुए मांग की है कि कर्मियों को कटौती की रकम वापस दी जाए। टेल्को वर्कर्स यूनियन के सदस्य हर्ष वर्धन का कहना है कि पहले एचपीईवी मद में 16 हजार रुपये मिलते थे। मगर, इस महीने 11 हजार रुपये तक ही मिले हैं।
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उनका कहना है कि इस मद की रकम वेरियेबल पे के रूम में कर्मचारियों को मिलती है। हर्षवर्धन ने बताया कि जब इस संबंध में साल 2017 में समझौता हो रहा था तो टेल्को वर्कर्स यूनियन ने कहा था कि कर्मचारियों की अधिकतम रकम फिक्स पे के रूप में होनी चाहिए। 5 से 8 प्रतिशत वेतन ही वेरियेबल पे के रूप में हो। मगर, एक अन्य यूनियन ने इसका विरोध किया था और आरोप लगाया था कि टेल्को वर्कर्स यूनियन वेतन वृद्धि का विरोध कर रही है।
उन्होंने कहा कि टेल्को वर्कर्स यूनियन चाहती थी कि इस तरह की दिक्कत का सामना कर्मचारियों को नहीं करना पड़े। अब वेरिएबल पे अधिक होने की वजह से कर्मचारियों की इस तरह की कटौती झेलनी पड़ रही है। इस कटौती से कर्मचारियों का बजट गड़बड़ हो गया है। ओ ग्रेड वालों को अधिक दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
टेल्को वर्कर्स यूनियन का कहना है कि अगर किसी यूनियन को इस कटौती से तकलीफ है तो घड़ियाली आंसू बहाने से कुछ नहीं होगा। यूनियन को आगे आना होगा। इस कटौती का विरोध करे और कर्मचारियों को उनकी कटौती की रकम वापस कराए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में वेतन में इस तरह की कटौती नहीं हो और वेरिएबल पे की मात्रा कम की जानी चाहिए।




