Jamshedpur (Jharkhand) : पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के जन्मदिन के मौके पर बुधवार को लौहनगरी जमशेदपुर में ईद मिलाद-उन-नबी (Jamshedpur Eid Miladunnabi ) का पर्व पूरे धार्मिक उत्साह और शान-ओ-शौकत के साथ मनाया गया। मानगो के गांधी मैदान से निकला विशाल जुलूस साकची स्थित आमबागान मैदान तक पहुंचा। जुलूस में जिले भर से बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और पूरा शहर “सरकार की आमद मरहबा…” तथा नारे-ए-तकबीर की गूंज से गूंज उठा।
तंजीम अहले सुन्नत की जेरे कयादत निकले इस जुलूस में उलेमा-ए-किराम अगुवाई कर रहे थे। उनके पीछे बड़ी संख्या में लोग पैदल चल रहे थे, जबकि बाइक, कार, अन्य वाहनों और ट्रकों पर सवार अकीदतमंद भी जुलूस का हिस्सा बने। वाहनों पर धार्मिक झंडे लहराते रहे और पूरे रास्ते नात-ए-पाक की गूंज (Jamshedpur Eid Miladunnabi) सुनाई देती रही।
इस बार का जुलूस बेहद विशाल और ऐतिहासिक बताया गया। जुलूस का एक छोर धातकीडीह सेंटर मैदान तक पहुंच गया था, जबकि दूसरा छोर मानगो गांधी मैदान के करीब था। गांधी मैदान से आमबागान तक जुलूस में शामिल लोगों ने अमन, भाईचारे, इंसानियत और आपसी सद्भाव का संदेश (Jamshedpur Eid Miladunnabi) दिया।
आमबागान मैदान पहुंचने पर उलेमा-ए-किराम ने तकरीर की। उन्होंने पैगंबर-ए-अकरम हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए लोगों को सच्चाई और सही रास्ते पर चलने की नसीहत दी। धातकीडीह पहुंचने पर भी उलेमा की तकरीर हुई और नात-ए-पाक पेश की गई, जिसे सुनकर अकीदतमंद भावविभोर हो उठे।
जुलूस का समापन सलात-ओ-सलाम के साथ हुआ। अकीदतमंदों ने झूमते हुए पैगंबर-ए-अकरम की शान में सलाम का नजराना पेश किया और “या नबी सलाम अलैका” की सदाएं बुलंद कीं।
तंजीम के मौलाना जियाउल मुस्तफा कादरी ने पूरी दुनिया को ईद मिलाद-उन-नबी की मुबारकबाद दी। उन्होंने कहा कि नबी करीम हजरत मोहम्मद मुस्तफा अमन और शांति के पैगंबर हैं। इस्लाम सलामती, इंसाफ और इंसानियत का संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि हमारा मजहब सिखाता है कि सलामत रहो और दूसरों को भी सलामत रहने दो। न किसी पर जुल्म करो, न किसी का दिल दुखाओ और न किसी को सताओ। सबके साथ समान इंसाफ, सम्मान और एहतेराम होना चाहिए।
मौलाना ने युवाओं से सच्चा मुसलमान बनने और नशाखोरी व आवारागर्दी से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज में सुधार लाने के लिए शिक्षा हासिल करें, बेहयाई से दूर रहें और इल्म की रोशनी को पूरी दुनिया में फैलाने का काम करें।
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उन्होंने बताया कि इस बार 18वां जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया, जिसमें लाखों की संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया। पूरे आयोजन के दौरान शहर में धार्मिक उल्लास, आस्था और भाईचारे का माहौल बना रहा।




