Jamshedpur (Jharkhand) : झारखंड सरकार के नागरिक सुरक्षा संगठन द्वारा जमशेदपुर के सिदगोड़ा स्थित टाउन हॉल में “आपदा में नागरिक सुरक्षा की भूमिका” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार (Jamshedpur Civil Defence) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस मौके पर सिविल डिफेंस (Jamshedpur Civil Defence) के चीफ वार्डन अरुण कुमार ने संगठन की जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि समय-समय पर नागरिक सुरक्षा के कार्यकर्ताओं को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक चिकित्सा, आगजनी और अन्य आपात स्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण दिया जाता है।
मुख्य अतिथि नागेंद्र पासवान ने अपने संबोधन में कहा कि आपदा के समय जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बेहद जरूरी होता है। इसके लिए वॉलंटियर्स को नियमित और कुशल प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि वे हर परिस्थिति में तत्परता से कार्य कर सकें।
सेमिनार के दौरान पटना में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सिविल डिफेंस अधिकारियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। वहीं रेल सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार को उनके उत्कृष्ट कार्यों और राष्ट्रपति सम्मान प्राप्ति की उपलब्धि के लिए अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सिविल डिफेंस के डिप्टी चीफ दयाशंकर मिश्र ने बताया कि यह सेमिनार जागरूकता के साथ-साथ प्रशिक्षण का भी एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर में बाढ़, दुर्घटनाओं और एमजीएम अस्पताल में छज्जा गिरने जैसी घटनाओं में सिविल डिफेंस के वॉलंटियर्स ने सराहनीय योगदान दिया है।
चीफ अरुण कुमार ने अपने संबोधन में बताया कि सिविल डिफेंस को 1968 में कानूनी अधिकार मिले, जिसे 2009 में संशोधित किया गया। अब संगठन के कार्यकर्ता आग, बाढ़, भूकंप और अन्य आपदाओं में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
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इस कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अधिकारियों, सिविल डिफेंस के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में युवा वॉलंटियर्स की भागीदारी रही, जिन्होंने इस सेमिनार से प्रेरणा ली।




