Jamshedpur (Jharkhand) : जमशेदपुर में भारतीय जनता पार्टी के अंदर मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर विवाद (Jamshedpur BJP Dispute) लगातार गहराता जा रहा है। बागबेड़ा मंडल अध्यक्ष को लेकर शुरू हुआ विरोध अब कदमा मंडल तक पहुंच गया है। कदमा मंडल के नव निर्वाचित अध्यक्ष के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है और नियुक्ति प्रक्रिया (Jamshedpur BJP Dispute) पर सवाल उठाए हैं।
रविवार को कदमा क्षेत्र में भाजपा के बूथ अध्यक्षों, सक्रिय कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ नेताओं और युवा कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित हुई। बैठक में कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पार्टी के नए संगठनात्मक नियमों के अनुसार मंडल अध्यक्ष की आयु 45 वर्ष से कम होनी चाहिए, लेकिन इस नियम की अनदेखी करते हुए भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने अपने करीबी नेता को मंडल अध्यक्ष बना दिया।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि भाजपा हमेशा संगठनात्मक अनुशासन और नियमों का पालन करने की बात करती है, लेकिन कदमा मंडल में नियमों को दरकिनार कर नियुक्ति किए जाने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है। बैठक में मौजूद नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पार्टी नेतृत्व ने जल्द इस मामले पर संज्ञान नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
गौरतलब है कि इससे पहले बागबेड़ा मंडल में राकेश चौबे की नियुक्ति को लेकर भी विवाद सामने आया था। अब कदमा मंडल में विरोध बढ़ने से भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा राजनीतिक दबाव में नजर आ रहे हैं। वहीं धालभूमगढ़ मंडल अध्यक्ष के चयन को लेकर भी पार्टी के अंदर असंतोष की चर्चा है।
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बैठक में यह भी तय किया गया कि पूरे मामले की जानकारी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दी जाएगी, ताकि संगठन के नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।




