Tehran : ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron से बातचीत में कहा है कि ईरान युद्ध समाप्त करने के लिए कूटनीतिक रास्तों पर गंभीरता से आगे बढ़ने को तैयार (Iran America War) है, लेकिन देश के राष्ट्रीय अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा।
दोनों नेताओं के बीच बुधवार को हुई फोन वार्ता (Iran America War) में क्षेत्रीय हालात, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति, अस्थायी युद्धविराम और ईरान-अमेरिका के बीच जारी अप्रत्यक्ष वार्ताओं पर चर्चा हुई। ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहते हुए ईरान शांति और कूटनीति के पक्ष में है।
पेजेशकियन ने अमेरिका पर भरोसे की कमी का कारण बताते हुए कहा कि बातचीत के दौरान ही ईरान पर हमले किए गए, जिसे उन्होंने “पीठ में छुरा घोंपने” जैसा कदम बताया। उनका कहना था कि अमेरिकी और इजरायली कार्रवाई ने ईरान के भीतर गहरा अविश्वास पैदा किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कड़ी निगरानी बढ़ा दी है और अब वहां से गुजरने वाले जहाजों के लिए विशेष अनुमति जरूरी कर दी गई है।
वार्ता में पाकिस्तान की मध्यस्थता से बने अस्थायी युद्धविराम पर भी चर्चा हुई। हालांकि ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम उल्लंघन और समुद्री नाकेबंदी जैसे आरोप लगाए हैं।
फ्रांस उन यूरोपीय देशों में शामिल है जिसने तनाव के बीच भी ईरान से कूटनीतिक संपर्क बनाए रखा है। दूसरी ओर ईरान ने स्पष्ट किया है कि किसी भी समझौते से पहले आर्थिक प्रतिबंध हटाना, युद्ध समाप्त करना और नुकसान की भरपाई जरूरी होगी।
इस अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर झारखंड समेत भारत के कई राजनीतिक और रणनीतिक विशेषज्ञ भी नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि इसका असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।
इसे भी पढ़ें – Fujairah Port Fire :फुजैरा पर हमला अमेरिकी ‘एडवेंचरिज्म’ का नतीजा, यूएई ने ड्रोन हमले का लगाया आरोप
ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए कूटनीति की बात कही, लेकिन राष्ट्रीय अधिकारों और सुरक्षा पर समझौते से इनकार किया।




