News Bee : ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन (Masoud Pezeshkian) सोमवार को आर्मेनिया (Armenia) (Iran President tour) पहुंचे। यह उनकी आधिकारिक दो-देशीय यात्रा का पहला पड़ाव है, जिसके बाद वे बेलारूस (Belarus) जाएंगे। राष्ट्रपति एक हाई-लेवल डेलिगेशन के साथ यरेवन (Yerevan) पहुंचे हैं, जहां वे दो दिन रुकेंगे और आर्मेनिया के प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे।
पेजेश्कियन इस दौरे में महत्वपूर्ण द्विपक्षीय समझौते और एमओयू पर हस्ताक्षर करेंगे। इसके अलावा वे ईरानी प्रवासियों, आर्थिक जगत के लोगों और स्थानीय बुद्धिजीवियों से भी मुलाकात करेंगे।
पड़ोसी और सहयोगी देशों से संबंध मज़बूत करना प्राथमिकता
(Iran President tour) यात्रा से पहले ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि पड़ोसी और सहयोगी देशों के साथ संबंधों का विस्तार ईरान की बड़ी प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहा, “इस दौरे में अहम समझौते होंगे, जो आर्थिक और सामाजिक प्रगति के नए रास्ते खोलेंगे और हमारे देश के विकास में मदद करेंगे।”
पेजेश्कियन ने यह भी कहा कि ईरान हमेशा से आर्मेनिया जैसे पड़ोसी और दोस्ताना देशों के साथ राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक सहयोग को सबसे ऊंचे स्तर पर बनाए रखने की कोशिश करता आया है।
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नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर पर चर्चा
राष्ट्रपति ने बताया कि इस दौरे में पर भी बातचीत होगी, क्योंकि यह दोनों देशों के लिए नए अवसर लेकर आ सकता है।
US की मौजूदगी पर चिंता
पेजेश्कियन ने क्षेत्र में अमेरिकी कंपनियों की मौजूदगी पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अतीत में कुछ अमेरिकी कंपनियों ने व्यापारिक गतिविधियों के नाम पर “अनचाहे और अप्रत्याशित कदम उठाए हैं।”उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर आर्मेनियाई नेतृत्व के साथ गंभीर चर्चा होगी।
हालिया अमेरिकी-ब्रोकर शांति समझौता और ईरान की आपत्ति
ध्यान रहे कि हाल ही में अमेरिका की मध्यस्थता से आर्मेनिया और अज़रबैजान (Azerbaijan) के बीच एक समझौता हुआ है। इसके तहत आर्मेनिया ने अपने दक्षिणी प्रांत स्यूनिक (Syunik) में अमेरिका को एक ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर विकसित करने का एक्सक्लूसिव अधिकार दिया है, जो अज़रबैजान को नखिचेवन (Nakhchivan) से जोड़ेगा।
ईरान ने इस समझौते का विरोध किया है। तेहरान का कहना है कि यह कदम साउथ कॉकस (Southern Caucasus) के भू-राजनीतिक समीकरण को बदल देगा और ईरान की ट्रांसपोर्ट नेटवर्क तक पहुंच सीमित कर देगा।
बेलारूस दौरे में होंगे अहम करार
पेजेश्कियन ने कहा कि बेलारूस के साथ हाल के वर्षों में सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक क्षेत्रों में रिश्ते बेहतर हुए हैं। अपेक्षा है कि इस दौरे में दोनों देश टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, कृषि, उद्योग और सामाजिक मुद्दों पर सहयोग को तेज करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बेलारूस ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ईरान का समर्थन किया है और इजरायल के हमलों व गाजा पर आक्रामकता की निंदा की है। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब क्षेत्र में अमेरिका की सक्रियता बढ़ी है और ईरान आर्मेनिया के साथ रिश्तों को मज़बूत कर नए रणनीतिक विकल्प तलाश रहा है।




