Central Desk : ईरान के इस्लामी क्रांति के नेता आयतुल्लाह सैय्यद मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि सैन्य क्षेत्र में मिली सफलता (Iran America War) के बाद अब देश आर्थिक और सांस्कृतिक मोर्चे पर भी दुश्मनों को पराजित करेगा। उन्होंने यह बात शिक्षक दिवस और मजदूर दिवस ( Iran America War) के अवसर पर जारी अपने संदेश में कही।
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि इस्लामी गणराज्य ईरान ने पिछले 47 वर्षों के संघर्ष के बाद अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन कर दुनिया को अपनी ताकत का एहसास कराया है। अब समय है कि आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में भी दुश्मनों को निराश और पराजित किया जाए।
उन्होंने शिक्षकों और मजदूरों को इस लड़ाई की रीढ़ बताया। खामेनेई ने कहा कि शिक्षक सांस्कृतिक मोर्चे पर सबसे प्रभावशाली भूमिका निभाएंगे, जबकि मजदूर आर्थिक क्षेत्र में सबसे मजबूत कड़ी साबित होंगे।
ईरान में 2 मई को राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाया जाता है, जो प्रसिद्ध विद्वान आयतुल्लाह मोर्तेजा मुतह्हरी की शहादत की बरसी के साथ जुड़ा हुआ है। वहीं 1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि देश की प्रगति ज्ञान और श्रम के दो स्तंभों पर टिकी हुई है और इन दोनों वर्गों को व्यावहारिक समर्थन मिलना जरूरी है। शिक्षकों को नई पीढ़ी को शिक्षित करने, उनमें समझ विकसित करने और उनकी पहचान गढ़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मजदूरों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पूरे देश के समान व्यापक है और मेहनत तथा प्रतिबद्धता किसी भी बड़ी सफलता की नींव होती है।
खामेनेई ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि केवल मौखिक प्रशंसा पर्याप्त नहीं है। जिस तरह देश ने अपनी सेना का समर्थन किया है, उसी तरह शिक्षकों और मजदूरों को भी मजबूत समर्थन मिलना चाहिए।
उन्होंने परिवारों और स्कूल प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया और नागरिकों से अपील की कि वे स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें ताकि देश के मजदूरों को मजबूती मिल सके।
उन्होंने व्यापारियों से भी आग्रह किया कि वे आर्थिक संकट के बावजूद कर्मचारियों की छंटनी से बचें और हर मजदूर को अपने व्यवसाय के लिए एक संपत्ति के रूप में देखें। सरकार से भी इस दिशा में सहयोग की उम्मीद जताई गई।
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खामेनेई ने उम्मीद जताई कि शिक्षकों के जरिए ईरानी-इस्लामी पहचान को मजबूत कर और मजदूरों द्वारा निर्मित घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देकर देश विकास और उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों को छुएगा। ईरान के नेता ने सैन्य सफलता के बाद आर्थिक और सांस्कृतिक मोर्चे पर जीत का संकल्प दोहराया, शिक्षकों और मजदूरों पर जोर




