News Bee : ईरान की सशस्त्र सेनाओं के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ मेजर जनरल अब्दोलरहीम मोसावी ने इज़राइली शासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इज़राइल विदेशों में यहूदी समुदायों को निशाना बनाकर “स्व-क्षति” (सेल्फ-हार्म) जैसे फ़ॉल्स-फ़्लैग ऑपरेशन (Israel Falls Flag Opration) कर रहा है, ताकि यहूदी-विरोध (एंटी-सेमिटिज़्म) का डर फैलाया जा सके और खुद को पीड़ित के रूप में पेश किया जा सके।
मौसावी के मुताबिक, “ज़ायनिस्ट तत्वों ने कई देशों में यहूदी समुदायों और उनसे जुड़े लोगों की हत्या करवाई है, ताकि रिवर्स माइग्रेशन रोका जा सके, आंतरिक संकट से ध्यान हटे और एंटी-सेमिटिज़्म (Israel Falls Flag Opration) को बढ़ावा मिले।”
इसे भी पढ़ें – ऑस्ट्रेलिया के शहर सिडनी में बॉडी बीच पर फायरिंग में 10 लोगों की मौत एक हमलावर भी मर गया
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में पिछले सप्ताह एक यहूदी उत्सव के दौरान हुए घातक हमले का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है, जब यहूदियों को निशाना बनाकर इज़राइल को पीड़ित दिखाने की कोशिश की गई हो। इस हमले में पिता-पुत्र हमलावरों की गोलीबारी से कम से कम 15 लोगों की मौत हुई और दर्जनों घायल हुए।
ईरान ने इस “हिंसक” हमले की निंदा की है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाएई ने कहा, “आतंकवादी हिंसा और सामूहिक हत्याएं, कहीं भी हों, गैरकानूनी और आपराधिक हैं—इनकी निंदा होनी चाहिए।”
मेजर जनरल मौसावी ने आगे कहा कि बीते दो वर्षों की घटनाओं ने अमेरिका और इज़राइली शासन के “आपराधिक चेहरे” को दुनिया के सामने उजागर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान के “धोखेबाज़ और युद्धोन्मादी” दुश्मन किसी भी अंतरराष्ट्रीय क़ानून या मानवीय मूल्यों का पालन नहीं करते।
हालांकि, उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ईरान ने “प्रतिरोध और अधिक शक्तिशाली बनने” का रास्ता चुना है, जो “गरिमा और स्वतंत्रता” का मार्ग है। उनके अनुसार, आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामेनेई के दिशा-निर्देशों पर चलते हुए ईरान की सशस्त्र सेनाएं और एकजुट राष्ट्र सभी साज़िशों पर विजय प्राप्त करेंगे।
भारत में भी इस बयान को लेकर चर्चाएं तेज़ हैं। झारखंड सहित विभिन्न राज्यों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर नज़र रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव वैश्विक सुरक्षा पर दूरगामी असर डाल सकता है।




