Jamshedpur (Jharkhand) : (Jamshedpur Sawan) सावन के पवित्र महीने में दलमा पहाड़ी स्थित प्राचीन शिव मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को इस बार वन विभाग के एक निर्णय का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें पहली बार दर्शनार्थियों से प्रवेश शुल्क वसूलने का आदेश जारी किया गया है। इस निर्णय के सामने आते ही विरोध की लहर उठ गई है। (Jamshedpur Sawan)
रिपोर्ट के मुताबिक, वन विभाग द्वारा पैदल श्रद्धालुओं से 5 रुपये, दोपहिया वाहनों से 50 रुपये, तीन पहिया वाहनों से 100 रुपये और चार पहिया वाहनों से 150 रुपये का शुल्क लिए जाने का निर्देश जारी किया गया है। इस फैसले ने स्थानीय धार्मिक संगठनों और श्रद्धालुओं की नाराजगी को जन्म दिया है।

Jamshedpur Sawan
विश्व हिन्दू परिषद ने इस निर्णय को आस्था पर सीधा प्रहार बताया है। परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार का शुल्क धार्मिक परंपराओं पर कर लगाने जैसा है, जो इतिहास में लगाए गए ‘जजिया कर’ की याद दिलाता है। परिषद ने इसे हिंदू आस्था और संस्कृति के विरुद्ध बताते हुए जमशेदपुर के प्रभागीय वन पदाधिकारी से आदेश को तुरंत वापस लेने की मांग की है।
विश्व हिन्दू परिषद का कहना है कि सावन में हजारों श्रद्धालु दलमा स्थित शिव मंदिर की पैदल यात्रा करते हैं और ऐसे में उन पर शुल्क लगाना उनकी भावना को ठेस पहुंचाना है। यह कदम धर्मनिष्ठ नागरिकों के अधिकारों का हनन है।
Jamshedpur Sawan : सावन में आर्थिक बाधा लगाना ठीक नहीं
इस मुद्दे को लेकर विभाग से जुड़े मंत्री अजय गुप्ता, अरुणा सिंह और सुबिता ने भी परिषद की मांग का समर्थन किया है। उनका कहना है कि सावन जैसे पावन माह में इस तरह की आर्थिक बाधा लगाना उचित नहीं है। सरकार को चाहिए कि वह श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करे, न कि उनके आस्था मार्ग में अड़चन पैदा करे।
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या धार्मिक स्थलों पर जाने वाले श्रद्धालुओं से शुल्क लेना सही है, खासकर तब जब वह परंपरागत रूप से सार्वजनिक आस्था स्थल रहा हो?




