Boram Human Trafficking: युवक-युवतियों समेत रिसोर्ट मैनेजर को बनाया बंधक, पुलिस ने छुड़ाकर थाने पहुंचाया
Jamshedpur (Jharkhand) : पूर्वी सिंहभूम जिले के बोड़ाम थाना क्षेत्र अंतर्गत बोंटा पंचायत के गेरुआ गांव स्थित चर्चित लेक व्यू रिसोर्ट (Boram Human Trafficking) में रविवार को जमकर हंगामा हुआ। ग्रामीणों ने रिसोर्ट में अनैतिक गतिविधियां और देह व्यापार संचालित होने का आरोप लगाते हुए अचानक धावा बोल दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि रिसोर्ट में लंबे समय से युवक-युवतियों की आवाजाही हो रही थी और यहां गलत कार्य (Boram Human Trafficking) कराए जा रहे थे। सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण रिसोर्ट पहुंचे और अलग-अलग कमरों से चार युवक-युवतियों को पकड़ लिया। इस दौरान रिसोर्ट के मैनेजर संतोष गिरी को भी ग्रामीणों ने बंधक बना लिया और उसके साथ मारपीट की।
बताया जा रहा है कि ग्रामीणों को रिसोर्ट के कमरों से आपत्तिजनक सामान भी मिला, जिसके बाद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। घटना की जानकारी मिलते ही बोड़ाम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद सभी युवक-युवतियों तथा मैनेजर को ग्रामीणों के कब्जे से छुड़ाकर थाने ले गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पकड़े गए लोगों से पूछताछ की जा रही है।
रिसोर्ट के मैनेजर संतोष गिरी ने बताया कि यह रिसोर्ट धनबाद निवासी विनोद सिंह का है। उन्होंने कहा कि एक ही परिसर में पतंजलि चिकित्सा केंद्र भी संचालित होता है, जबकि दूसरी ओर रिसोर्ट चलता है। ग्रामीणों का आरोप है कि पतंजलि चिकित्सा केंद्र की आड़ में रिसोर्ट में अनैतिक गतिविधियां चलाई जा रही थीं।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से रिसोर्ट और चिकित्सा केंद्र दोनों को बंद करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे पहले भी इस मामले की शिकायत उपायुक्त कार्यालय में की गई थी, जिसके बाद रिसोर्ट कुछ समय के लिए बंद हुआ था। हालांकि बाद में इसे फिर से शुरू कर दिया गया।




