Jamshedpur : उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के इंतकाल से जमशेदपुर में उर्दू यूनिवर्सिटी (Jamshedpur Urdu University) बनाने की मुहिम को धक्का लगा है। मुस्लिम समाज में इसको लेकर अफसोस है।
सोमवार को इस मुद्दे पर झामुमो नेताओं (Jamshedpur Urdu University) से बात की गई। झामुमो नेता शेख बदरुद्दीन ने कहा कि उनकी कोशिशों से यह मामला काफी आगे बढ़ गया था। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू इस पर मेहनत कर रहे थे और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी बात हो चुकी थी। अब वह मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस मांग को आगे रखेंगे।
झामुमो नेता प्रमोद लाल ने कहा कि मंत्री के इंतकाल से पार्टी को काफी नुकसान हुआ है। मतलूब अहमद ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू अच्छे नेता थे और शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने काफी काम किया। उन्हें उम्मीद है कि झामुमो सरकार में उर्दू स्कूलों की हालत सुधरेगी, जर्जर स्कूलों की मरम्मत होगी, उर्दू की किताबें मिलेंगी और शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।
झामुमो कार्यालय में मरहूम मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को खिराज-ए-अकीदत
साकची स्थित झामुमो के जिला कार्यालय में सोमवार को मरहूम मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। जिला कमेटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत मरहूम मंत्री की तस्वीर पर गुलपोशी से हुई। इसके बाद सभी ने दो मिनट का मौन रखकर उनकी रूह की मगफिरत के लिए दुआ की।
इस मौके पर उनके सियासी और समाजी खिदमात को याद किया गया। जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का इंतकाल झारखंड के लिए नाकाबिले-तलाफी नुकसान है। पार्टी और सरकार ने एक अहम शख्सियत खो दी है। उनकी खिदमात और यादें हमेशा जिंदा रहेंगी। कार्यक्रम में झामुमो नेता शेख बदरुद्दीन, प्रमोद लाल, सिमरन भाटिया समेत अन्य लोग मौजूद रहे।




