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Jamshedpur Crime: निखार सबलोक हत्याकांड में गैंगवार के बीच सफेदपोश कनेक्शन से सियासी गलियारे में हड़कंप+VDO

अब गहरी होगी पुलिस की जांच, नेताओं की भूमिका पर पुलिस की नजर, जमीन विवाद और वर्चस्व की लड़ाई में हुई कारोबारी निखार सबलोक की हत्या से अलर्ट हुई पुलिस

Jamshedpur (Jharkhand) : जमशेदपुर में जमीन के कारोबार, आपराधिक गिरोह और राजनीतिक रसूख के कथित गठजोड़ को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। होटल कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड (Jamshedpur Nikhar Sablok Murder) की जांच में पुलिस को गैंगवार के साथ कुछ सफेदपोश लोगों के संभावित कनेक्शन के संकेत मिले हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी नेता का नाम सार्वजनिक नहीं किया है और न ही किसी राजनीतिक व्यक्ति को इस मामले में आरोपी बनाया है।

निखार सबलोक हत्याकांड (Jamshedpur Nikhar Sablok Murder) के खुलासे के बाद पुलिस अब इस एंगल की भी गहराई से जांच कर रही है कि जमीन विवाद और गैंगवार के पीछे कहीं किसी राजनीतिक संरक्षण की भूमिका तो नहीं थी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस मामले में किसी सफेदपोश व्यक्ति की वास्तविक भूमिका है या नहीं। वैसे, एसएसपी ने यह संकेत दिए हैं कि इस हत्याकांड में सियासी कनेक्शन से इंकार नहीं किया जा सकता।

 अखिलेश और गणेश गिरोह के बीच वर्चस्व की जंग

पुलिस जांच के मुताबिक जमशेदपुर में अखिलेश सिंह और गणेश सिंह गिरोह के बीच वर्चस्व की लड़ाई (Jamshedpur Nikhar Sablok Murder) चल रही है। निखार सबलोक की हत्या को भी इसी आपराधिक प्रतिस्पर्धा और जमीन विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।

पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इन गिरोहों को कहीं राजनीतिक संरक्षण तो हासिल नहीं था। इसी क्रम में सफेदपोश कनेक्शन को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

जमीन विवाद से जुड़ा था हत्या का मामला

जांच में सामने आया है कि निखार सबलोक चांडिल थाना क्षेत्र में एनएच-33 के किनारे टेंथ माइल रेस्टोरेंट के पास पिंजरा पहाड़िया इलाके की जमीन पर होटल बनाने की तैयारी कर रहे थे। इसी जमीन को लेकर विवाद शुरू हुआ था।

पुलिस के अनुसार, जमीन पर कब्जे और वर्चस्व को लेकर दो आपराधिक गुट आमने-सामने थे। एक पक्ष निखार को रास्ते से हटाना चाहता था, जबकि दूसरा पक्ष उसके समर्थन में था। इसी विवाद ने धीरे-धीरे गैंगवार का रूप ले लिया।

दुमका जेल से रची गई हत्या की साजिश

पुलिस के अनुसार निखार सबलोक की हत्या की साजिश दुमका जेल से रची गई थी। जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मास्टरमाइंड अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव और मुख्य शूटर अंकित सिंह समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने बताया कि निखार की हत्या के लिए शूटरों को 15 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। गिरफ्तार आरोपियों को डोबो के पास से पकड़ा गया।

पहली बार हुई जमशेदपुर एसएसपी और सरायकेला एसपी की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस

जमशेदपुर के एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब और सरायकेला-खरसावां एसपी ने बुधवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल दो पिस्टल, मैगजीन, सात कारतूस और आई-10 कार बरामद की है।

गिरफ्तार आरोपियों में अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव, सुनील रजक, रितेश सिंह, सुशील केराई, राज कुमार सिंह उर्फ प्रिंस और सुल्तानपुर निवासी शूटर अंकित सिंह शामिल हैं।

 ऐसे दिया गया हत्या की वारदात को अंजाम

पुलिस के अनुसार घटना के दिन सुनील रजक आई-10 कार लेकर पहुंचा था। वह कार चला रहा था, जबकि रितेश सिंह उसके बगल में बैठा था। दो शूटर पीछे बैठे थे।

रितेश होटल के अंदर गया और निखार सबलोक की मौजूदगी तथा गतिविधियों की जानकारी ली। उस समय निखार होटल में चाय पी रहे थे। रितेश ने बाहर आकर शूटरों को निखार के होटल में मौजूद होने की जानकारी दी।

इसके बाद शूटर होटल पहुंचे और निखार पर गोलियां चला दीं। वारदात के बाद आरोपी आई-10 कार से रांची की ओर भाग निकले। रांची पहुंचने के बाद कार छोड़कर दूसरी गाड़ी से फरार हो गए।

 पिंजरा पहाड़िया की जमीन बनी विवाद की जड़

पुलिस की जांच में पिंजरा पहाड़िया इलाके की जमीन को इस हत्याकांड की मुख्य वजह माना जा रहा है। एनएच-33 के किनारे स्थित इस जमीन पर निखार होटल निर्माण की योजना बना रहे थे।

इसी जमीन को लेकर आपराधिक गिरोहों के बीच तनातनी बढ़ने की बात सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि जमीन पर कब्जे और वर्चस्व की कोशिश के कारण निखार को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।

सफेदपोश नेताओं की भूमिका भी जांच के घेरे में

हत्याकांड का खुलासा होने के बाद पुलिस अब इस मामले में सफेदपोश नेताओं के संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही है। पुलिस को मिले कुछ संकेतों के आधार पर इस एंगल को अनुसंधान में शामिल किया गया है।

हालांकि, अभी तक पुलिस ने किसी नेता का नाम नहीं लिया है। इसलिए किसी राजनीतिक व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हत्याकांड से किसी सफेदपोश व्यक्ति का सीधा संबंध था या नहीं।

गिरफ्तार आरोपियों का रहा है आपराधिक इतिहास

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में कई का आपराधिक इतिहास रहा है। अशोक कुमार सिंह के खिलाफ बिष्टुपुर थाने में मामला दर्ज है।

सुनील रजक के खिलाफ बागबेड़ा में एक और मानगो थाने में दो मामले दर्ज हैं। रितेश सिंह के खिलाफ मानगो और सोनारी थाने में कुल नौ मामले दर्ज बताए गए हैं। वहीं सुल्तानपुर निवासी अंकित सिंह के खिलाफ पांच मामले दर्ज हैं।

यूपी-बिहार में पुलिस की छापेमारी जारी

पुलिस के अनुसार हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जमशेदपुर और सरायकेला पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। तीन टीमें उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न शहरों में भेजी गई हैं। इनमें एक टीम वाराणसी में भी मौजूद है।

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पुलिस को आशंका है कि हत्याकांड में शामिल कुछ अन्य लोग अभी फरार हैं। उनके पकड़े जाने के बाद जमीन विवाद, गैंगवार और कथित सफेदपोश कनेक्शन से जुड़े कई और राज सामने आ सकते हैं।

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