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Jamshedpur Nikhar Murder: दुमका जेल से रची गई निखार सबलोक की हत्या की साजिश, मास्टरमाइंड और शूटर समेत 6 गिरफ्तार

अखिलेश सिंह और गणेश सिंह गिरोह के बीच वर्चस्व की जंग में निशाना बने निखार

Jamshedpur : होटल कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड का पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार, हत्या की साजिश दुमका जेल से रची गई थी और इस वारदात के पीछे गिरोहों के बीच चल रही वर्चस्व की लड़ाई और जमीन विवाद अहम वजह रही। जमशेदपुर के एसएसपी एहतेशाम वकारिब और सरायकेला-खरसावां एसपी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले की जानकारी दी।

पुलिस ने हत्याकांड के मास्टरमाइंड अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव, मुख्य शूटर अंकित सिंह समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक निखार की हत्या के लिए 15 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। गिरफ्तार आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल दो पिस्टल, मैगजीन, सात कारतूस और एक आई-10 कार बरामद की गई है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है।

टेंथ माइल रेस्टोरेंट में मारी गई थी गोली

निखार सबलोक की 24 अगस्त को सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-33 स्थित टेंथ माइल रेस्टोरेंट में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि घटना को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने पूरी तैयारी की थी।

पुलिस के अनुसार, घटना के दिन सुनील रजक आई-10 कार चलाकर आया था। रितेश सिंह उसके बगल में बैठा था, जबकि शूटर अंकित सिंह और उसका एक साथी पीछे बैठे थे। रितेश होटल के अंदर गया और वहां निखार की गतिविधियों की जानकारी ली। उस समय निखार होटल में चाय पी रहे थे।

रितेश के बाहर आने के बाद उसने शूटरों को निखार के बारे में जानकारी दी। इसके बाद शूटर होटल के अंदर पहुंचे और निखार पर गोलियां बरसा दीं। हत्या के बाद सभी आरोपी आई-10 कार से रांची की ओर भागे। रांची पहुंचने के बाद उन्होंने कार छोड़ दी और दूसरी गाड़ी से फरार हो गए।

 पिंजरा पहाड़िया की जमीन बनी हत्या की वजह

पुलिस जांच में निखार सबलोक की हत्या के पीछे जमीन विवाद और गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई की बात सामने आई है। नेशनल हाईवे-33 के किनारे टेंथ माइल होटल के पास पिंजरा पहाड़िया इलाके में जमीन का एक टुकड़ा है, जिस पर निखार होटल बनाने की तैयारी में थे।

इसी जमीन को लेकर कथित तौर पर अखिलेश सिंह गिरोह और गणेश सिंह गिरोह के बीच तनातनी शुरू हुई। पुलिस के अनुसार, इसी विवाद ने बाद में वर्चस्व की लड़ाई का रूप ले लिया। एक पक्ष निखार को रास्ते से हटाकर जमीन पर कब्जा करना चाहता था, जबकि दूसरा पक्ष निखार के समर्थन में था। इसी गैंगवार की कड़ी में निखार सबलोक की हत्या किए जाने की बात सामने आई है।

 सफेदपोशों की भूमिका की भी जांच

पुलिस जांच में हत्याकांड में कुछ सफेदपोश लोगों की संभावित भूमिका के संकेत भी मिले हैं। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस ने अभी किसी नेता या सफेदपोश व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।

डोबो के पास से हुई गिरफ्तारियां

एसएसपी एहतेशाम वकारिब के अनुसार, सभी छह आरोपियों को डोबो के पास से गिरफ्तार किया गया। हत्या की सुपारी अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव द्वारा दिए जाने की बात पुलिस जांच में सामने आई है।

गिरफ्तार आरोपियों में जमशेदपुर के अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव, सुनील रजक, रितेश सिंह, सुशील केराई तथा उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर निवासी राज कुमार सिंह उर्फ प्रिंस और अंकित सिंह शामिल हैं।

 गिरफ्तार आरोपियों के नाम

1. अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव, पिता स्व. राम नरेश सिंह, खुंटाडीह, सोनारी, जमशेदपुर।

2. सुनील रजक, पिता सुरेश रजक, संजय पथ, लक्ष्मण नगर, डिमना रोड, मानगो, जमशेदपुर।

3. रितेश सिंह, पिता राकेश सिंह, संजय पथ, लक्ष्मण नगर, डिमना रोड, मानगो, जमशेदपुर।

4. सुशील केराई, उम्र करीब 30 वर्ष, पिता दुबराई केराई, सिद्धू-कान्हू बस्ती, जोन नंबर-02, सोनारी, जमशेदपुर।

5. राज कुमार सिंह उर्फ प्रिंस, पिता स्व. सिकंदर सिंह, मांगपुर, थाना लधुवा, जिला सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश।

6. अंकित सिंह, पिता राम कुमार सिंह, गोलबरा, सरायया आंचल, थाना कोतवाली देहात, जिला सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश।

पांच आरोपियों का आपराधिक इतिहास

पुलिस के अनुसार, अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव, सुनील रजक, रितेश सिंह, सुशील केराई और अंकित सिंह का आपराधिक इतिहास रहा है।

अशोक के खिलाफ बिष्टुपुर थाना में एक मामला दर्ज है। सुनील रजक के खिलाफ बागबेड़ा में एक और मानगो थाना में दो मामले दर्ज हैं। रितेश सिंह के खिलाफ मानगो और सोनारी थाना में कुल नौ मामले दर्ज हैं। इनमें सात मामले सोनारी और दो मामले मानगो थाना में हैं। वहीं, सुल्तानपुर निवासी अंकित सिंह के खिलाफ वहां पांच मामले दर्ज हैं।

यूपी और बिहार में पुलिस की छापेमारी

निखार हत्याकांड के उद्भेदन के लिए जमशेदपुर और सरायकेला पुलिस की संयुक्त टीमें गठित की गई थीं। टीम में चांडिल एसडीपीओ, एमजीएम थाना के इंस्पेक्टर, उलीडीह थाना प्रभारी समेत अन्य पुलिस अधिकारी शामिल थे।

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पुलिस की तीन टीमें अभी भी उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न शहरों में छापेमारी कर रही हैं। एक पुलिस टीम वाराणसी में भी मौजूद है। पुलिस का कहना है कि हत्याकांड में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए जांच और कार्रवाई जारी है।

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