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जमशेदपुर में राज्यपाल संतोष गंगवार के कई कार्यक्रम, बुनकरों से लेकर मेधावी विद्यार्थियों तक को दिया विकास और आत्मनिर्भरता का संदेश

Jamshedpur (Jharkhand) : झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शुक्रवार को जमशेदपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस समारोह में बुनकरों और हस्तकरघा उद्योग को बढ़ावा देने पर जोर दिया, न्यू बाराद्वारी स्थित मदरहुड मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का उद्घाटन किया और नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस समारोह में राज्यपाल ने कहा कि हस्तकरघा उद्योग केवल कपड़ा बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। बिष्टुपुर स्थित माइकल जॉन ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान चरखे को स्वदेशी आंदोलन का प्रतीक बनाया था। झारखंड का हस्तकरघा उद्योग भी राज्य की जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक कला और विरासत से जुड़ा हुआ है। यहां के बुनकर अपनी मेहनत और हुनर के जरिए देशभर में पहचान बना रहे हैं।

राज्यपाल ने कहा कि बदलते समय के साथ बुनकरों को आधुनिक तकनीक, डिजिटल माध्यम और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ना जरूरी है। इससे उनके उत्पाद देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकेंगे और उनकी आमदनी में भी वृद्धि होगी।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में जब उन्हें केंद्र सरकार में वस्त्र मंत्री के रूप में जिम्मेदारी मिली थी, उसी दौरान राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस की शुरुआत की गई थी। उन्होंने इसे अपने सार्वजनिक जीवन का गौरवपूर्ण अवसर बताया।

राज्यपाल ने लोगों से स्थानीय उत्पादों को अपनाने और बुनकरों द्वारा तैयार किए गए हस्तकरघा वस्त्रों की खरीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से बुनकरों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और भारतीय संस्कृति एवं पारंपरिक कला को भी संरक्षण मिलेगा।

उन्होंने कहा कि हस्तकरघा उद्योग ग्रामीण क्षेत्रों और महिलाओं के लिए रोजगार तथा आत्मनिर्भरता का बड़ा माध्यम बन सकता है। बुनकर केवल कपड़ा तैयार नहीं करता, बल्कि वह परिवार, समाज और देश की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाता है। ऐसे में बुनकरों को सामाजिक सुरक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना समाज की जिम्मेदारी है।

राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पीएम विश्वकर्मा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना पारंपरिक कारीगरों और बुनकरों को आर्थिक एवं तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

न्यू बाराद्वारी में मदरहुड मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का उद्घाटन

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अस्पताल का उद्घाटन करते राज्यपाल

इसके बाद राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने न्यू बाराद्वारी में मदरहुड मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का उद्घाटन किया। अस्पताल में मरीजों के उपचार के लिए आधुनिक चिकित्सा उपकरण और विभिन्न विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

उद्घाटन समारोह में राज्यपाल के अलावा सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल और एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बलराम झा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

अस्पताल की चिकित्सा निदेशक डॉ. प्रिया वर्मा ने बताया कि हीलिंग हैंड्स, केयरिंग हार्ट्स की भावना के साथ अस्पताल की स्थापना की गई है। यहां करीब 15 अनुभवी चिकित्सकों की टीम मरीजों का उपचार करेगी। अस्पताल का उद्देश्य एक ही स्थान पर गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

Governor Jamshedpur Visit

अस्पताल का उद्घाटन करते राज्यपाल

अस्पताल में विभिन्न विशेषज्ञ विभागों के साथ आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। यहां दो बेड का आईसीयू और तीन बेड का एनआईसीयू बनाया गया है। महिलाओं के लिए अत्याधुनिक गायनी सेवाओं की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

इलाज का खर्च ऐप पर देख सकेंगे परिजन

डॉ. प्रिया वर्मा ने बताया कि अस्पताल में एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है, जिसमें मरीज से संबंधित पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी। इलाज के दौरान होने वाला खर्च भी लगातार अपडेट होता रहेगा। इससे मरीज और उनके परिजन किसी भी समय यह जान सकेंगे कि उपचार पर कितना खर्च हो चुका है।

उन्होंने कहा कि कई बड़े अस्पतालों में मरीज को इलाज पूरा होने के बाद अंतिम बिल की जानकारी मिलती है, लेकिन यहां इलाज के दौरान ही खर्च की जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। अस्पताल में मरीजों को अपेक्षाकृत कम दर पर उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

गायनी विभाग में सामान्य प्रसव को प्राथमिकता देने के साथ जरूरत पड़ने पर सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा भी उपलब्ध होगी। मरीज ऑनलाइन अपॉइंटमेंट भी ले सकेंगे। अस्पताल प्रबंधन ने भविष्य में आयुष्मान भारत योजना से जुड़ने की भी योजना की जानकारी दी।

अस्पताल की पार्टनर शांति मिश्रा ने कहा कि जमशेदपुर और आसपास के मरीजों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अब बड़े महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।

नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मेधावियों को सम्मान

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नेताजी सुभाष युनिवर्सिटी में राज्यपाल

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने पोखारी स्थित नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में भी मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। उन्होंने विभिन्न संकायों के स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कीं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक देकर सम्मानित किया गया।

समारोह की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन, राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के साथ हुई। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने राज्यपाल समेत अन्य अतिथियों का स्वागत किया और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध कार्यों तथा भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री हासिल करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह जीवन में नई जिम्मेदारियों की शुरुआत का प्रतीक है। शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ रोजगार हासिल करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनना भी है।

उन्होंने विद्यार्थियों से नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साहस, अनुशासन, देशभक्ति और समर्पण से प्रेरणा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा यदि इन आदर्शों को अपने जीवन में उतारें तो वे व्यक्तिगत सफलता के साथ देश के विकास में भी योगदान दे सकते हैं।

राज्यपाल ने नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा को कौशल, रोजगार, तकनीक और नवाचार से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल तकनीक, स्टार्टअप, अनुसंधान और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि युवा केवल नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। अपने ज्ञान, कौशल और नए विचारों के माध्यम से उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में काम करें।

राज्यपाल ने निजी विश्वविद्यालयों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध, नैतिक मूल्यों और अनुशासित वातावरण पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने नशामुक्त परिसर और विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की जरूरत पर भी जोर दिया।

शिक्षकों की भूमिका पर उन्होंने कहा कि शिक्षक सिर्फ विषय का ज्ञान देने वाले नहीं होते, बल्कि वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का आह्वान किया।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.के. पाणी ने कहा कि संस्थान शिक्षा के साथ शोध, नवाचार, कौशल विकास और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने पर काम कर रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से डिग्री को मंजिल नहीं बल्कि नई यात्रा की शुरुआत मानने की अपील की।

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कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार नागेंद्र सिंह, विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, प्रशासनिक अधिकारी, छात्र-छात्राएं, अभिभावक और शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह का माहौल रहा और अंत में राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।

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