Chaibasa (West Singhbhum) : Chaibasa स्थित महिला कॉलेज के बीएड विभाग में आयोजित ईद मिलन समारोह उस वक्त विवादों (Chaibasa College Ead Rumor) में घिर गया, जब सोशल मीडिया और कुछ छात्राओं के जरिए एक भ्रामक अफवाह फैला दी गई। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कई संगठनों के लोग कॉलेज पहुंच गए, हालांकि समय रहते मामला संभाल लिया गया और बड़ा विवाद (Chaibasa College Ead Rumor) टल गया।
अफवाह का फैला टेंशन
सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए छात्राओं को बुर्का पहनना अनिवार्य किया गया है और ऐसा नहीं करने पर उनकी तीन दिनों की उपस्थिति काट दी जाएगी। इस खबर के फैलते ही माहौल गर्म हो गया।
संगठनों ने घेरा कॉलेज
अफवाह की सूचना मिलते ही कुछ संगठनों के सदस्य कॉलेज पहुंचे और प्राचार्या डॉ. प्रीतिबाला सिन्हा से मिलकर विरोध जताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राचार्या खुद बीएड विभाग पहुंचीं और जांच की।
जांच के बाद उन्होंने साफ किया कि बुर्का पहनने को लेकर किसी भी तरह का निर्देश नहीं दिया गया था और पूरी खबर निराधार है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से छात्राओं से सीधे बातचीत करने को कहा, जिससे सच्चाई सामने आ गई और मामला शांत हो गया।
Chaibasa College Ead Rumor: सांस्कृतिक शिक्षा के तहत आयोजन
बीएड विभाग की शिक्षिका डॉ. अर्पिता सुमन ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम पाठ्यक्रम का हिस्सा होते हैं, जिनका उद्देश्य छात्रों को देश की विविध संस्कृति और अलग-अलग धर्मों के त्योहारों से परिचित कराना है।
उन्होंने बताया कि कॉलेज में पहले भी माघे पर्व, क्रिसमस, होली, दिवाली और राष्ट्रीय पर्व मनाए जा चुके हैं। ईद मिलन भी इसी परंपरा का हिस्सा है, जहां छात्राओं ने मिलकर सेवई और लच्छे का आनंद लिया।
Chaibasa College Ead Rumor: साजिश की जांच के लिए बनी कमेटी
कॉलेज प्रशासन ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कुछ शरारती तत्वों ने जानबूझकर गलत जानकारी फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। अब ऐसे लोगों की पहचान के लिए एक कमेटी बनाई गई है।
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प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।




