Chaibasa ( Jharkhand) : पश्चिमी सिंहभूम जिले के घने सारंडा जंगल में गुरुवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ (Police Naxal Encounter ) में झारखंड का सबसे बड़ा नक्सली सरगना पतिराम माझी उर्फ अनल दा मारा गया। अनल दा पर झारखंड और ओडिशा सरकार की ओर से कुल एक करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित था।
सुबह करीब 6.20 बजे शुरू हुई मुठभेड़ ( Police Naxal Encounter) दोपहर लगभग 3 बजे तक चली। इस दौरान अनलदा समेत उसके सशस्त्र दस्ते के कुल 15 माओवादी मारे गए। इनमें से 11 नक्सलियों की पहचान कर ली गई है, जबकि चार अन्य की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है। मरने वालों में पांच महिलाएं भी शामिल हैं।
यह मुठभेड़ किरीबुरू थाना क्षेत्र के अंतर्गत चलाए जा रहे विशेष नक्सल विरोधी अभियान ‘मेधाबुरू’ के दौरान हुई। अभियान का नेतृत्व झारखंड पुलिस महानिदेशक और सीआरपीएफ महानिदेशक के संयुक्त निर्देशन में किया गया। इसमें 209 कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर, सीआरपीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम शामिल थी।
पुलिस के अनुसार, नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से अंधाधुंध फायरिंग की, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में सुरक्षाबलों ने भी कार्रवाई की। मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई है।
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अनलदा का दस्ता वर्ष 2022 से अब तक कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में हुए कई आईईडी विस्फोटों और हिंसक घटनाओं में शामिल रहा है, जिनमें सुरक्षाबलों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क की कमर टूट गई है।
झारखंड पुलिस ने शेष बचे उग्रवादियों से आत्मसमर्पण कर राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील की है। फिलहाल सारंडा में सर्च ऑपरेशन जारी है।




