Jamshedpur : टेल्को वर्कर्स यूनियन ने जमशेदपुर पूर्वी की विधायक से टाटा मोटर्स (Jamshedpur Tata Motors) से जुड़े एक गंभीर मुद्दे को विधानसभा में उठाने का आग्रह किया है। यूनियन का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने एक समझौते के जरिए वर्षों से चली आ रही वार्ड रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को समाप्त करने की साजिश रची है। इससे तकरीबन 5500 स्थायी मजदूरों और उनके परिवारों को गहरा आघात लगा है।
यूनियन का कहना है कि दशकों से टाटा मोटर्स (Jamshedpur Tata Motors) की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में जिन मजदूरों ने अहम भूमिका निभाई, उनकी निष्ठा और योगदान के बदले कंपनी ने वार्ड रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था लागू की थी। अब कथित फर्जी समझौते के माध्यम से इसे खत्म करना मजदूरों के साथ अन्याय है।
यूनियन ने यह भी याद दिलाया कि इसी क्षेत्र में कभी टेल्कॉन जैसी बड़ी कंपनी थी। इस कंपनी ने स्थानीय विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उसके बंद होने से जो जनाक्रोश पैदा हुआ, उसका असर 2019 के विधानसभा चुनाव परिणामों में भी देखने को मिला। पूर्व विधायक सरयू राय ने भी 21 सितंबर 2020 को विधानसभा में पॉकेट यूनियन के माध्यम से हुए मजदूर विरोधी समझौते पर सवाल उठाए थे।
यूनियन ने विधायक से मांग की है कि इस मजदूर विरोधी समझौते को विधानसभा में मजबूती से उठाकर प्रबंधन और सरकार को जवाबदेह बनाया जाए, ताकि स्थानीय लोगों की नौकरियां सुरक्षित रहें और जनता का भरोसा जनप्रतिनिधियों पर बना रहे। साथ ही आरोप लगाया गया है कि नए वार्ड सदस्यों को क्वेस्ट कारपोरेशन लिमिटेड में शामिल करने की साजिश चल रही है। इसे तत्काल रोका जाना चाहिए।
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यूनियन ने इस संबंध में जमशेदपुर के उप श्रमायुक्त, श्रमायुक्त सह निबंधक (श्रमिक संघ), टाटा मोटर्स जमशेदपुर के प्लांट हेड और ऑक्यूपायर गिरिश वाघ को भी आवेदन भेजा है।




