Jamshedpur (Jharkhand) : भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक पर्व भाई दूज (Jamshedpur Bhaiya Duj) झारखंड सहित पूरे क्षेत्र में बड़े ही हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। सुबह से ही घरों में पूजा-पाठ और तैयारियों की चहल-पहल देखने को मिली। बहनों ने अपने भाइयों का तिलक कर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की।
घर-घर में उत्सव का माहौल रहा, जहां भाई-बहन के रिश्ते की डोर पहले से भी अधिक मजबूत होती नजर आई। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व प्रेम, स्नेह और एकता का संदेश देता है।
पौराणिक मान्यता के अनुसार, (Jamshedpur Bhaiya Duj) इसी दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर गए थे। यमुना ने उनका तिलक कर सत्कार किया था। तभी से यह दिन यम द्वितीया के रूप में मनाया जाता है। झारखंड में भी इस पर्व की विशेष छटा देखने को मिली। बहनों ने भाइयों को तिलक कर मिठाई खिलाई और उपहार दिए, वहीं भाइयों ने भी बहनों को स्नेह और प्रेम के प्रतीक उपहार भेंट किए। भाई दूज का यह पावन पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह हमें रिश्तों की अहमियत और पारिवारिक बंधन की गरिमा की भी याद दिलाता है।




