Jamshedpur (Jharkhand) : शहर के एमजीएम अस्पताल में मरीज के तीमारदारों के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और होमगार्ड जवानों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े (Jamshedpur MGM) हो गए हैं। आरोप है कि अस्पताल में तैनात 8 से 10 होमगार्ड जवानों ने मरीज के परिजनों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू (Jamshedpur MGM) कर दी।
जानकारी के अनुसार, भाजपा नेता गुंजन यादव ने बताया कि भुइयांडीह लकड़ी टाल निवासी भूमिज शर्मा की बहन एमजीएम अस्पताल में भर्ती हैं। उनके पेट में पस बनने के कारण इलाज चल रहा है। भूमिज शर्मा अपने बहनोई के साथ बहन का हालचाल लेने अस्पताल पहुंचे थे। इलाज के बाद दोनों अस्पताल परिसर से बाहर निकल रहे थे।
इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद होमगार्ड जवानों ने उनसे बार-बार अस्पताल आने-जाने का कारण पूछा। आरोप है कि मामूली बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और जवानों ने भूमिज शर्मा, उनके बहनोई तथा अन्य कुछ तीमारदारों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
गुंजन यादव का आरोप है कि जान बचाने के लिए तीमारदार इधर-उधर भागते रहे, लेकिन जवानों ने उन्हें रोककर बंधक जैसा व्यवहार किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि मौके पर मौजूद कई होमगार्ड जवानों ने नेम प्लेट तक नहीं पहन रखी थी, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया। यदि यह आरोप सही साबित होता है तो यह सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही, दोनों पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।
घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीण एसपी शुभम खंडेलवाल, डीएसपी दयानंद कुमार तथा एमजीएम थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से टूटी हुई लाठी जब्त की है और घायल तीमारदार को मेडिकल जांच एवं इंजरी रिपोर्ट के लिए भेजा गया है।
गुंजन यादव ने यह भी आरोप लगाया कि घटना का वीडियो बनाने वाले लोगों से वीडियो डिलीट कराया गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद निष्पक्ष जांच की जाएगी। अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।
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इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में तैनात सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीज और उनके परिजन पहले से ही मानसिक तनाव में अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे में यदि सुरक्षा के नाम पर उनके साथ दुर्व्यवहार या बल प्रयोग किया जाता है, तो यह बेहद चिंताजनक है। यदि जांच में होमगार्ड जवानों पर लगे आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई होना आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी तीमारदार को इस तरह की स्थिति का सामना न करना पड़े।




