Jamshedpur (Jharkhand) : मानगो नगर निगम क्षेत्र में बढ़ती गंदगी, जलजमाव और बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर ऑल इंडिया माइनॉरिटी सोशल वेलफेयर फ्रंट के केंद्रीय महासचिव बाबर खान ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों पर निशाना (Mango Nagar Nigam) साधा है। उन्होंने कहा कि आपसी खींचतान और समन्वय के अभाव के कारण मानगो नगर निगम क्षेत्र की स्थिति बदतर होती जा रही है और आम जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
बाबर खान (Mango Nagar Nigam) ने कहा कि शहर की कई गलियों और सड़कों पर गंदगी फैली हुई है। जगह-जगह कचरे के ढेर जमा हैं, जबकि नालियां जाम और बजबजा रही हैं। इससे लोगों को जलजमाव की समस्या का सामना करना पड़ रहा है और मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों और मेयर के बीच बेहतर तालमेल का अभाव मानगो की समस्याओं को और गंभीर बना रहा है। जनसमस्याओं के समाधान के लिए नियमित समीक्षा बैठक कर सभी जनप्रतिनिधियों की सहमति से ठोस कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आपसी आरोप-प्रत्यारोप और व्यक्ति विशेष के निर्णयों के कारण जनता की समस्याओं को लंबित रखना उचित नहीं है।
बाबर खान ने कहा कि नगर निगम चुनाव को लगभग 10 महीने हो चुके हैं और नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को जनता के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि इस अवधि में आम नागरिकों के लिए कौन-कौन से उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन इलाकों में पहले नियमित सफाई होती थी, वहां अब कचरे के ढेर नजर आ रहे हैं। कई क्षेत्रों में नियमित कचरा उठाव नहीं हो रहा है और सफाई कर्मियों की उपस्थिति भी संतोषजनक नहीं है।
उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले मानगो क्षेत्र की सफाई व्यवस्था अपेक्षाकृत बेहतर थी, लेकिन चुनाव के बाद स्थिति लगातार बिगड़ती गई। जनता को राजनीतिक खींचतान से कोई मतलब नहीं है, बल्कि उन्हें बेहतर सफाई, विकास और नागरिक सुविधाएं चाहिए।
बाबर खान ने जिला प्रशासन और मानगो नगर निगम प्रशासन से मांग की कि 10 दिनों के भीतर सफाई व्यवस्था, नियमित कचरा उठाव, नालियों की सफाई, जलजमाव और अन्य बुनियादी जनसमस्याओं के समाधान के लिए ठोस और धरातल पर दिखाई देने वाली कार्रवाई शुरू की जाए।
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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो मानगो वासी नगर निगम कार्यालय का घेराव करने और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और नगर निगम प्रशासन की होगी।




