Jamshedpur (Jharkhand) : शहर में नक्शा विचलन और अवैध निर्माण के खिलाफ चल रही जेएनएसी (JNAC) (Map Deviation) की बड़ी कार्रवाई सोमवार को अचानक रुक गई। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर बिष्टुपुर और साकची क्षेत्र में अवैध हिस्सों को तोड़ने का अभियान शुरू किया गया था, लेकिन दोपहर करीब दो बजे सुप्रीम कोर्ट से स्थगन आदेश आने के बाद पूरी कार्रवाई तत्काल प्रभाव से रोक दी गई।
सुबह करीब 11 बजे जेएनएसी की दो टीमें मैदान में उतरी थीं। एक टीम बिष्टुपुर और दूसरी साकची इलाके में चिन्हित इमारतों पर कार्रवाई (JNAC Map Deviation) कर रही थी। बिष्टुपुर में रमाडा होटल के पास स्थित एक पांच मंजिला भवन में नक्शे से अधिक निर्माण पाए जाने पर ऊपरी दो फ्लोर तोड़े जा रहे थे। मौके पर उपनगर आयुक्त कृष्ण कुमार, जेएनएसी अधिकारी और भारी पुलिस बल तैनात था।
इसी दौरान साकची के बाराद्वारी इलाके में होल्डिंग नंबर 47 पर बनी इमारत में भी कार्रवाई चल रही थी। यहां ग्राउंड प्लस वन के नक्शे के बजाय पांच मंजिला निर्माण कर लिया गया था। अवैध दो मंजिलों को कटर और हथौड़े से हटाया जा रहा था, तभी सुप्रीम कोर्ट की रोक की सूचना मिलते ही काम बंद कर दिया गया।
JNAC Map Deviation: 24 भवनों में पाया गया था विचलन
जेएनएसी अधिकारियों के अनुसार शहर की कुल 24 इमारतों में नक्शा विचलन मिला है। कहीं अतिरिक्त फ्लोर बना दिए गए हैं तो कहीं बेसमेंट, जिसे पार्किंग के लिए स्वीकृत किया गया था, उसे दुकानों में बदलकर व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। सभी भवन मालिकों को तीन-तीन नोटिस जारी करने के बाद ही यह कार्रवाई शुरू की गई थी।
हाई कोर्ट के आदेश पर बनी थी सूची
इस मामले में हाई कोर्ट में दायर रिट के बाद 24 इमारतों की सूची तैयार की गई थी। आदेश के अनुपालन में जेएनएसी ने अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया था।
नियमितीकरण को लेकर भी विवाद
रमाडा होटल के पास की इमारत के मालिक का दावा है कि उन्होंने नक्शा नियमित करने के लिए जुर्माना राशि जमा की थी। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि बिना आवेदन और तकनीकी जांच के जमा की गई राशि को नियमितीकरण नहीं माना जा सकता। नियमानुसार पहले आवेदन, फिर निरीक्षण और स्वीकृति के बाद ही शुल्क लिया जाता है।
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फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश तक सभी 24 भवनों पर कार्रवाई स्थगित कर दी गई है। शहर में अब आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजर टिकी है।




