Jamshedpur (Jharkhand) : संयुक्त ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आयोजित ऑल इंडिया हड़ताल (Jamshedpur Trade Union Protest) का असर मंगलवार को जमशेदपुर में व्यापक रूप से देखने को मिला। विभिन्न यूनियनों से जुड़े मजदूर और कर्मचारी सड़कों पर उतर आए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान उपायुक्त कार्यालय और जुबली पार्क गेट के सामने सड़क जाम कर दी गई, जिससे शहर में यातायात व्यवस्था कुछ समय के लिए बाधित रही।
(Jamshedpur Trade Union Protest) हड़ताल में मेडिकल और सेल्स रिप्रेजेंटेटिव भी एकदिवसीय विरोध में शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना दिया और सरकार विरोधी नारे लगाए। सड़क जाम होने से आम लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
यूनियन नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार ने 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार नए लेबर कोड लागू कर दिए हैं, जिससे मजदूरों के अधिकार कमजोर हुए हैं। उनका कहना है कि वर्ष 1976 में लागू सेल्स प्रमोशन एम्प्लॉइज एक्ट को खत्म कर दिया गया, जो मेडिकल और सेल्स रिप्रेजेंटेटिव के हितों की रक्षा करने वाला एकमात्र विशेष कानून था। इसके समाप्त होने से इस वर्ग के कर्मचारियों की स्थिति प्रभावित हुई है।
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि नए श्रम कानूनों के तहत न्यूनतम मजदूरी, कार्य के घंटे और स्थायी रोजगार की व्यवस्था कमजोर पड़ी है, जबकि फिक्स्ड टर्म रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। यूनियनों ने मांग की कि कंपनियों द्वारा निर्धारित टारगेट और कार्यप्रणाली पर सरकारी निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा हो सके।
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हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन सड़क जाम के कारण शहर के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित रहा। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी गई।




