Jmshedpur News : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने उठाई आवाज, कहा ईरान का विरोध भारत माता के साथ गद्दारी होगी
Jamshedpur : (Jamshedpur News )अमरीका ने शनिवार की देर रात ईरान की 14 न्युक्लियर साइट्स पर अपने 6 बी टू बॉंबर से हमला कर मध्य पूर्व को विश्व युद्ध की आग में झोंक दिया है। ईरान का कहना है कि इस अमरीकी हमले से उसके न्युक्लियर साइट्स को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है। इसके बाद ईरान ने इसराइल पर लगातार भीषण हमले किए हैं जिससे वहां भारी तबाही की खबर है। ईरान तेल के जहाजों के रास्ते स्ट्रेट ऑफ हुरमुज को भी बंद करने के बारे में विचार कर रहा है। इससे विश्व राजनीति गर्मा गई है। यह युद्ध भारत पर भी असर डालेगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष रईस रिजवी ने कहा है कि भारत को ईरान का साथ देना चाहिए। (Jamshedpur News)
रईस रिजवी छब्बन ने बताया कि साल 1994 में जब हमारा दुश्मन पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत को घेरने के लिए जिनेवा में प्रस्ताव लाया था तब ईरान ने अपने देश की मदद की थी। तब कांग्रेस की सरकार थी और पीवी नरसिम्हाराव प्रधानमंत्री थे। पीवी नरसिम्हाराव ने जिनेवा में वोटिंग से पहले अपने तत्कालीन विदेश मंत्री दिनेश सिंह को ईरान भेजा था। ईरान ने फौरन भारत का साथ देना स्वीकार किया और अपने सभी साथी मुस्लिम देशों से पाकिस्तान के विरोध में और भारत के पक्ष में वोटिंग कराने की बात की। ओआईसी में वोटिंग हुई और पाकिस्तान हार गया था।
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Jamshedpur News: ईरान भारत का मददगार रहा है
रईस रिजवी छब्बन ने बताया कि ईरान हमारे लिए हमेशा हर तरह से मददगार रहा है। यहां से हमें सस्ता तेल मिलता है। इसके अलावा, जब पाकिस्तान ने चीन को ग्वादर बंदरगाह दिया तो ईरान ने भारत को चाबहार पोर्ट दिया। यही नहीं, चाबहार को रेललाइन और सड़क के जरिए ईरान के पड़ोसी देशों को जोड़ने की भी अनुमति जिससे भारत तुर्कमेनिस्तान समेत आसपास के देशों और यूरोप तक पहुंचता है।
रईस रिजवी छब्बन ने कहा कि अगर हम इस जंग में ईरान का साथ नहीं देते तो यह गद्दारी होगी। क्योंकि, जिस ईरान ने हमेशा भारत माता का साथ दिया तो देश को भी मुसीबत की इस घड़ी में अपने नैतिक मूल्यों का पालन करते हुए ईरान को सपोर्ट करना चाहिए। देशवासियों को भी चाहिए कि वह ईरान के साथ खड़े हों। क्योंकि, ईरान अमेरिका और इसराइल की दादागीरी के साथ लड़ रहा है। इसराइल ने फिलिस्तीन पर कब्जा कर लिया था। फिलिस्तीन आजादी की जंग लड़ रहा है। भारत यह दर्द समझता है कि क्योंकि, अंग्रेजों ने अपने देश पर भी कब्जा किया था। भारत ने भी यह अत्याचार सहा है और स्वतंत्रा आंदोलन चलाया था। इसराइल ने अंतर्राष्ट्रीय नियमों की अवहेलना कर गाजा में क्लस्टर बम भी चलाए हैं। 36 अस्पतालों पर बम बरसाकर उन्हें तहस-नहस कर दिया है। रोज सैकड़ों नागरिकों की अब भी हत्या कर रहा है। इसका विरोध अंतराष्ट्रीय स्तर पर होना चाहिए।




