Jamshedpur (Jharkhand) : जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन पब एंड बार के बाहर पुलिस की मौजूदगी में हुए हिमांशु सिंह हत्याकांड ने पूरे झारखंड को झकझोर (Jamshedpur Double Down Bar Murder) दिया है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस और प्रशासन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। जनता के भारी आक्रोश, राजनीतिक दबाव और पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवालों के बीच अब प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे को निलंबित कर दिया गया है, डबल डाउन पब एंड बार को सील कर दिया गया है और पूरे मामले की निगरानी अब झारखंड पुलिस के (Jamshedpur Double Down Bar Murder ) आला अधिकारी कर रहे हैं।
बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे सस्पेंड
हिमांशु सिंह हत्याकांड में लापरवाही बरतने के आरोप में एसएसपी पीयूष पांडे ने बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनकी जगह बर्मामाइंस थाना प्रभारी निरंजन कुमार को बिष्टुपुर थाना की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके साथ ही पुलिस विभाग में अन्य फेरबदल भी किए गए हैं। गोलमुरी यातायात थाना प्रभारी कुमार सरयू आनंद को बर्मामाइंस थाना का प्रभारी बनाया गया है, जबकि साइबर अपराध थाना में पदस्थापित पुलिस निरीक्षक मोहम्मद कुद्दूस को गोलमुरी यातायात थाना का प्रभारी बनाया गया है।
पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
शनिवार रात डबल डाउन पब एंड बार के बाहर हुए हत्याकांड का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। फुटेज में बदमाश पुलिसकर्मियों के सामने हिमांशु सिंह पर लगातार चापड़ से हमला करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि पुलिस उन्हें रोकने में पूरी तरह असहाय नजर आती है।
इस घटना ने जमशेदपुर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए और पूरे राज्य में इसकी तीखी आलोचना हुई।
पहले तीन पुलिसकर्मी भी हो चुके हैं सस्पेंड
घटना के बाद सोमवार रात बिष्टुपुर थाना के सामने लोगों ने उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, थाना परिसर में घुसकर विरोध जताया और पीसीआर वैन तथा सिटी एसपी की गाड़ी पर पथराव भी किया।
जनता के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए एसएसपी ने उसी रात एएसआई रतन कुमार दास, राजेश रंजन और कांस्टेबल मनोज कुमार को निलंबित कर दिया था। ये तीनों पुलिसकर्मी घटना के समय मौके पर मौजूद थे।
अब थाना प्रभारी आलोक दुबे पर भी कार्रवाई होने के बाद इसे इस मामले में पुलिस के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा है।
आम जनता का फोन नहीं उठाने के भी लगते रहे आरोप
सूत्रों के अनुसार, आलोक दुबे जब कदमा थाना प्रभारी थे, तब उनका व्यवहार सामान्य था, लेकिन बिष्टुपुर जैसे महत्वपूर्ण थाना का प्रभार मिलने के बाद उनके व्यवहार में बदलाव आ गया था।
स्थानीय लोगों का आरोप था कि वे अक्सर आम नागरिकों का फोन नहीं उठाते थे। कई बार यदि फोन उठाते भी थे तो शिकायत सुनने के बजाय लोगों को डांटकर फोन काट देते थे। इसकी शिकायतें भी पुलिस मुख्यालय तक पहुंची थीं।
डबल डाउन पब एंड बार पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
हत्याकांड के बाद जिला प्रशासन ने मंगलवार को डबल डाउन पब एंड बार को सील कर दिया। अधिकारियों का मानना है कि घटना के बाद लगातार बढ़ते जनाक्रोश और पुलिस की छवि पर पड़े असर को देखते हुए यह कार्रवाई आवश्यक थी।
बताया जा रहा है कि झारखंड के डीजीपी ने भी पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके बाद ही थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई और बार को भी सील कर दिया गया।
फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी
हिमांशु सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी सहित अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस पर जल्द गिरफ्तारी का भारी दबाव है।
इस बीच मृतक के परिजनों ने मुख्य आरोपी के एनकाउंटर की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यदि अन्य राज्यों में गंभीर अपराधियों का एनकाउंटर हो सकता है तो जमशेदपुर में ऐसा क्यों नहीं किया जा सकता।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम लगातार कार्रवाई कर रही है।
एडीजी मनोज कौशिक ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड पुलिस के एडीजी मनोज कौशिक मंगलवार शाम जमशेदपुर पहुंचे। उन्होंने सीधे डबल डाउन पब एंड बार पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया।
एसएसपी पीयूष पांडे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की।
झामुमो प्रतिनिधिमंडल पहुंचा मृतक के घर
मंगलवार को झामुमो जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन, वरिष्ठ नेता प्रमोद लाल और पार्टी प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी मृतक हिमांशु सिंह के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तथा डीजीपी तदाशा मिश्रा से उनकी फोन पर बात कराई।
मुख्यमंत्री और डीजीपी ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी, किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
पोस्टमार्टम कराने से परिजनों का इनकार
मृतक हिमांशु सिंह के परिजनों ने फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
एसएसपी पीयूष पांडे ने परिजनों से पोस्टमार्टम कराने की अपील की, लेकिन परिजन अपनी मांग पर अड़े रहे।
पूरे झारखंड में चर्चा का विषय बना मामला
पुलिस की मौजूदगी में हुई इस हत्या ने पूरे झारखंड में कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पुलिस की कार्यशैली, प्रशासनिक जवाबदेही और अपराध नियंत्रण को लेकर सरकार पर भी विपक्ष लगातार हमलावर है। दूसरी ओर, प्रशासन अब लगातार कार्रवाई कर यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी




