न्यूज़ बी: लगभग ढाई महीने की लंबी जंग के बाद आखिर इसराइल युद्ध विराम के लिए तैयार हो गया है।ऐसा सूत्रों का कहना है। इसराइल के युद्ध विराम के लिए हरी झंडी दिखाते ही बंधकों की रिहाई के कूटनीतिक प्रयास शुरू हो गए हैं। बंधकों की रिहाई को लेकर बातचीत का दौर एक बार फिर प्रारंभ हो गया है। इसराइल के साथ युद्ध विराम की डील की शर्तें क्या होंगी इसका खाका तैयार किया जा रहा है। शर्तों का खाका तैयार करने से पहले हमास लीडर इस्माइल हानियां ने कतर की राजधानी दोहा में बुधवार को ईरान के विदेश मंत्री हुसैन आमिर अब्दुल्लाह्यान से मुलाकात की। इसके बाद वह मिस्र के इंटेलिजेंस चीफ अब्बास कमाल से बात करने मिस्र की राजधानी काहिरा पहुंच गए हैं। माना जा रहा है कि मिस्र के इंटेलिजेंस चीफ की इसराइल के अधिकारियों से बात हुई है। मोसाद के अधिकारी क्या चाहते हैं यह मिस्र के इंटेलिजेंस चीफ हमास लीडर इस्माइल हनियां को बताएंगे और इस्माइल हनियां को इसराइल के पक्ष से अवगत कराते हुए उन्हें मनाने का प्रयास करेंगे। हमास लीडर इस्माइल हनियां ने साफ कर दिया है कि वह सभी बंधकों की रिहाई के बदले सभी फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई चाहते हैं। जबकि इसराइल का प्रयास है कि सभी इसराइली बंधकों की रिहाई के बदले उसे कम फिलिस्तीनी कैदी छोड़ना पड़े। गौरतलब है कि लगभग 7000 फिलिस्तीनी इसराइली जेल में कैद हैं। जबकि हमास के पास इसराइल के लगभग डेढ़ सौ बंधक हैं। इसराइल को अपने डेढ़ सौ बंधक छुड़ाने के लिए फिलिस्तीन के लगभग 7000 कैदी छोड़ने पड़ेंगे।इसीलिए इसराइल ने कोशिश की थी कि वह गजा में ग्राउंड ऑपरेशन कर अपने बंधकों को हमास की कैद से जबरदस्ती छुड़ा ले। लेकिन वह कामयाब नहीं हुआ। गौरतलब है कि इसरायल पहले हमास और गजा को खत्म करने तक युद्ध जारी रखने की बात कह रहा था। संयुक्त राष्ट्र संघ के युद्ध विराम के प्रस्ताव को भी उसने ठुकरा दिया था।




