Jamshedpur (Jharkhand) : जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र में मई महीने में हुई दो अलग-अलग फायरिंग (Golmuri Firing) की घटनाओं का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है, जबकि पूरे घटनाक्रम का मास्टरमाइंड पहले ही एक अन्य मामले में गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है।
गौरतलब है कि 26 और 27 मई को गोलमुरी थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटनाओं को लेकर नामदा बस्ती निवासी अमन सिंह और व्यवसायी राजकुमार साह द्वारा अलग-अलग प्राथमिकी (Golmuri Firing) दर्ज कराई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी पीयूष पांडे के निर्देश पर डीएसपी (नगर) के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया।
जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने विक्की सिंह गिल उर्फ कुण्डी, रविन्द्र कुमार ठाकुर, बलराम सिंह उर्फ छोटू और अमन सिंह को आरोपी के रूप में चिन्हित किया। इनमें विक्की सिंह गिल उर्फ कुण्डी को इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताया गया है। पुलिस के अनुसार, राजकुमार साह से 20 लाख रुपये की रंगदारी वसूलने के उद्देश्य से उनके घर के बाहर फायरिंग कर दहशत फैलाने की साजिश रची गई थी।
मुख्य आरोपी विक्की सिंह गिल उर्फ कुण्डी को पुलिस पहले ही कन्हैया यादव हत्याकांड में 31 मई 2026 को कोलकाता के एक मॉल से गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं, सोमवार को गिरफ्तार किए गए रविन्द्र कुमार ठाकुर, बलराम सिंह उर्फ छोटू और अमन सिंह को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई एक लोडेड पिस्टल, एक जिंदा कारतूस तथा एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी बरामद की है। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य संभावित आरोपियों की संलिप्तता की भी पड़ताल की जा रही है।




