Ranchi (Jharkhand ) : कर्बला के शहीद हज़रत इमाम हुसैन और उनके वफ़ादार साथियों की याद में मनाया जाने वाला चेहल्लुम (अरबईन) इस वर्ष रांची में श्रद्धा और अकीदत के साथ (Ranchi Chehlum) मनाया जाएगा। इस अवसर पर 2 से 4 अगस्त तक शहर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम, मजलिसें और जुलूस आयोजित किए जाएंगे। शनिवार को अनवर आर्केड में आयोजित एक कार्यक्रम (Ranchi Chehlum) में इसकी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मौलाना सैयद गुलाम अली नकवी ने कहा कि चेहल्लुम, हज़रत इमाम हुसैन की शहादत के 40वें दिन मनाया जाता है। यह दिन इंसानियत, न्याय, सब्र और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि कर्बला की घटना केवल इस्लामी इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए सत्य और न्याय की रक्षा का अमर संदेश है।
मौलाना ने कहा कि तत्कालीन शासक यज़ीद इस्लाम की मूल शिक्षाओं और पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मुहम्मद के बताए मार्ग से भटक चुका था। उसने हज़रत इमाम हुसैन से अपनी बैअत करने का दबाव बनाया, लेकिन इमाम हुसैन ने अन्याय और ज़ुल्म के सामने सिर झुकाने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद कर्बला में उन्हें और उनके साथियों को तीन दिनों तक पानी और भोजन से वंचित रखा गया तथा अंततः शहीद कर दिया गया।
2 अगस्त को होंगी चार मजलिसें
सैयद फ़राज़ अब्बास ने बताया कि 2 अगस्त को चार मजलिसों का आयोजन किया जाएगा। पहली मजलिस सुबह 10 बजे मस्जिद-ए-जाफरिया में होगी। दूसरी शाम 4 बजे मरहूम सैयद हसन के आवास पर, तीसरी मरहूम अली बाकर के आवास पर तथा चौथी रात 8 बजे मस्जिद-ए-जाफरिया में आयोजित होगी। चौथी मजलिस के बाद हज़रत अली असगर का झूला बरामद किया जाएगा।
3 अगस्त को शब-ए-अरबईन की मजलिस
उन्होंने बताया कि 3 अगस्त को पहली मजलिस मरहूम सैयद हसन के आवास पर, दूसरी सैयद मेहंदी इमाम सड़न के आवास पर तथा तीसरी शब-ए-अरबईन के अवसर पर मस्जिद-ए-जाफरिया में होगी। इसके बाद हज़रत इमाम हुसैन का ताबूत और हज़रत अब्बास की शबीह अलम बरामद की जाएगी।
4 अगस्त को निकलेगा मुख्य जुलूस
सैयद फ़राज़ अब्बास ने बताया कि 4 अगस्त को चेहल्लुम का मुख्य जुलूस अनवर आर्केड से निकलेगा। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल होकर कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करेंगे।




