News Bee : ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टार्मर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने एक बड़े राजनीतिक विवाद (UK Epstein Files)के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह विवाद पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त किए जाने से जुड़ा है, जिनका नाम दिवंगत दोषी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन (UK Epstein Files) से संपर्क रखने के कारण चर्चा में आया है।
मैकस्वीनी ने रविवार को अपने बयान में कहा कि मैंडेलसन की नियुक्ति ने लेबर पार्टी, देश और राजनीति पर लोगों का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने इस फैसले की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उन्होंने ही प्रधानमंत्री को यह नियुक्ति करने की सलाह दी थी।

Dispute on Epstein Files in UK
उन्होंने कहा, “सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारी तब लेनी चाहिए जब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत हो। ऐसे हालात में पद छोड़ना ही सम्मानजनक रास्ता है।”ईमेल्स सामने आने के बाद यह विवाद और बढ़ गया, जिनमें मैंडेलसन के एपस्टीन के साथ लगातार संपर्क का खुलासा हुआ। इससे लेबर पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह नाराजगी देखी गई।
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मैकस्वीनी को लेबर पार्टी की हालिया चुनावी जीत का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता था। साल 2024 के आम चुनाव में पार्टी की बड़ी जीत में उनकी अहम भूमिका रही थी। ऐसे में उनका इस्तीफा प्रधानमंत्री स्टार्मर के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। लेबर सांसदों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रहीं। कुछ ने उन्हें बलि का बकरा बताया, जबकि कुछ ने सरकार में केंद्रीकृत फैसले लेने की संस्कृति की आलोचना की।
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इस्तीफा देने के बाद मैकस्वीनी ने सरकार की नियुक्ति प्रक्रिया और जांच तंत्र में बड़े सुधार की मांग की। उन्होंने कहा कि एपस्टीन कांड के पीड़ितों को नहीं भूलना चाहिए।प्रधानमंत्री स्टार्मर ने भी उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा, “हमारी पार्टी उन पर एहसानमंद रहेगी।”यह मामला अंतरराष्ट्रीय राजनीति में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ रहा है। भारत के झारखंड समेत दुनिया भर में लोग इस घटनाक्रम को गंभीरता से देख रहे हैं।




