Jamshedpur (Jharkhand) : एमजीएम अस्पताल (Jamshedpur MGM Hospital) की चौथी मंजिल एक बार फिर सुरक्षा के लिहाज से सवालों में आ गई है। बुधवार को यहां एक मरीज ने आत्महत्या का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों की सतर्कता और एक होमगार्ड जवान की तत्परता से बड़ा हादसा (Jamshedpur MGM Hospital) टल गया।
गौरतलब है कि जुगसलाई निवासी राम मुंडा पिछले कुछ दिनों से अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में भर्ती हैं। बुधवार को उनकी पत्नी उनसे मिलने पहुंची थी। मुलाकात के बाद राम मुंडा मानसिक रूप से काफी तनाव में नजर आए और अचानक चौथी मंजिल की खिड़की की ओर बढ़ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उन्होंने खिड़की से कूदने की कोशिश की, तभी आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया। आवाज सुनते ही ड्यूटी पर तैनात एक होमगार्ड जवान दौड़कर पहुंचा और समय रहते मरीज को खिड़की से पीछे खींच लिया। इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।
दरअसल, अस्पताल की ऊपरी मंजिलों की खिड़कियां पूरी तरह असुरक्षित हैं। इनमें न तो लोहे की रॉड लगी हुई है और न ही कोई सुरक्षात्मक जाली। स्लाइडर हटाते ही खिड़कियां पूरी तरह खुल जाती हैं, जिससे किसी के लिए भी नीचे गिरना आसान हो जाता है।
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गौरतलब है कि 20 मार्च को भी इसी चौथी मंजिल से परसूडीह निवासी एक मरीज ने कूदकर अपनी जान गंवा दी थी। उस घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग तेज हुई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती हैं।




