Jamshedpur (Jharkhand) : कदमा थाना क्षेत्र में बुधवार को बोड़ाम के दो युवकों को हिरासत में लिए जाने के विरोध में जमकर हंगामा हुआ। छिनतई और वाहन चोरी के मामलों में संदेह के आधार पर पुलिस की कार्रवाई से नाराज परिजनों और नूतनडीह गांव के (Kadma police Station)ग्रामीणों ने कदमा थाना का घेराव कर दिया। आक्रोशित लोगों ने थाना के मुख्य गेट पर काफी देर तक जाम लगाए रखा और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में पुलिस अधिकारियों के समझाने पर ग्रामीण थाना परिसर के अंदर पहुंचे और सीढ़ियों पर बैठकर धरना शुरू कर दिया।
गुजरात और विशाखापट्टनम में करते हैं नौकरी
पुलिस हिरासत में लिए गए युवकों की पहचान बोड़ाम प्रखंड के नूतनडीह गांव निवासी गुरुदेव उरांव और दिनेश उरांव के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, दोनों युवक रोजी-रोटी कमाने के लिए (Kadma Police station) अपने गांव से बाहर रहते हैं। इनमें एक गुजरात और दूसरा विशाखापट्टनम में काम करता है। पर्व-त्योहार के अवसर पर दोनों छुट्टी लेकर अपने घर आए थे।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने करीब तीन दिन पहले दोनों युवकों को वाहन चोरी और छिनतई के मामले में पकड़ लिया था। इसके बाद से उन्हें थाने में रखा गया है। परिजन दोनों को निर्दोष बताते हुए उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि दोनों युवक कामकाज के सिलसिले में बाहर रहते हैं और त्योहार मनाने के लिए घर आए थे।
रिहाई की मांग पर अड़े ग्रामीण
थाना के मुख्य गेट पर जाम के कारण कुछ समय तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया और बातचीत के लिए अंदर बुलाया। इसके बावजूद ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे और थाना परिसर की सीढ़ियों पर बैठकर धरना देने लगे।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक दोनों युवकों को रिहा नहीं किया जाता, वे वहां से नहीं हटेंगे। वहीं, पुलिस का कहना है कि संबंधित मामलों में संदेह के आधार पर दोनों युवकों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल ग्रामीणों और पुलिस के बीच बातचीत जारी है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच के आधार पर की जाएगी।




