Jamshedpur (Jharkhand) : चक्रवात मोंथा (Jamshedpur Cyclone Montha) के संभावित प्रभाव को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने आदेश दिया है कि जिले में मौजूद सभी जर्जर सरकारी भवन, आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूल फौरन चिन्हित कर सील किए जाएं, ताकि तेज हवा और भारी बारिश के दौरान किसी भी तरह की दुर्घटना न हो।
बुधवार को डीसी ऑफिस में आयोजित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में डीसी ने कहा कि अगले 2-3 दिनों तक तेज हवा और भारी बारिश की आशंका है। डीसी ने सभी प्रखंड, अंचल और नगर निकाय अधिकारियों को हिदायत दी है कि 1 नवंबर तक सभी अधिकारी अलर्ट मोड में रहें और फील्ड स्तर पर लगातार निगरानी बनाए रखें।
मीटिंग के मुख्य निर्देश
* जर्जर सरकारी भवनों की पहचान कर तत्काल रिपोर्ट।
* जरूरत पड़ने पर राहत शिविर (Shelter Home) चालू किए जाएं।
* फूड सप्लाई और आवश्यक सामान स्टैंडबाय पर रखें।
* स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
* अतिरिक्त एंबुलेंस ऑन कॉल रखें।
* पेड़, बिजली के पोल या तार गिरने पर तत्काल कार्रवाई।
* गोताखोर, लाइफ जैकेट, रस्सी और अन्य सुरक्षा साधन तैयार रखें।
डीसी ने कहा कि (Jamshedpur Cyclone Montha) से यदि किसी नागरिक की संपत्ति, घर या फसल को नुकसान होता है, तो फौरन सर्वे कर रिपोर्ट भेजी जाए, ताकि मुआवजा प्रक्रिया शुरू की जा सके।
Jamshedpur Cyclone Montha : चुनाव आचार संहिता है लागू, प्रशासन की गाइडलाइन
घाटशिला विधानसभा उपचुनाव के कारण जिले में आदर्श आचार संहिता लागू है। डीसी ने साफ किया कि अगर कोई सियासी दल सहायता देना चाहता है तो वह प्रशासन के जरिए ही यह मदद नागरिकों तक पहुंचा सकता है।
बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, रूरल एसपी ऋषभ गर्ग, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर भगीरथ प्रसाद समेत कई अधिकारी मौजूद रहे, जबकि बीडीओ, सीओ और थाना प्रभारी ऑनलाइन माध्यम से मीटिंग में शामिल हुए।




