Jamshedpur : जमशेदपुर के बिरसानगर में जुलाई 2020 में प्रकाश यादव (Birsanagar Prakash Murder Case) की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में सरयू राय की पार्टी भाजमो के नेता अमूल्यो कर्मकार जेल भेजे गए थे। अमूल्यो कर्मकार को शुक्रवार जमशेदपुर कोर्ट की एडीजे वन बीके सहाय की अदालत ने केस से बरी कर दिया है। अमूल्यो कर्मकार ने शनिवार को अपने आवास पर प्रेस कांफ्रेंस में अपने केस के बारे में जानकारी दी है।
उन्होंने बताया कि वह बिरसानगर के उत्थान के लिए वह काम करते रहे हैं। मालिकाना हक के लिए उन्होंने आवाज उठाई थी। विधायक सरयू राय ने जब चुनाव लड़ा था तो उन्होंने उनका समर्थन किया था। इसके बाद उन्होंने तत्कालीन सीएम रघुवर दास को हराया था। बाद में सरयू राय ने विधानसभा में मालिकाना हक का मुद्दा उठाया था। मगर, वह मालिकाना हक नहीं दिला पाए।
उन्हें इस केस (Birsanagar Prakash Murder Case) में साजिशकर्ता बतााते हुए जेल भेजा गया था। इस केस में उन्हें फंसाया गया था। वह बेकसूर थे। कोर्ट ने इस बात को साबित कर दिया है। अमूल्यो कर्मकार ने बताया कि इस मामले में अप्रैल 2015 में उनकी जमानत हाईकोर्ट से हुई थी। इसके बाद वह जेल से रिहा कर दिए गए थे।
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अब उन्हें कोर्ट ने बेकसूर मानते हुए बरी कर दिया है। पुलिस कोर्ट में उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं दे पाई है। जब यह घटना हुई थी तब अमूल्यो कर्मकार भाजमो के सदस्य थे। बाद में जेल जाने के बाद उन्हें भाजमो से हटा दिया गया था।
प्रकाश यादव की हत्या की घटना 21 जुलाई 2020 को बिरसानगर में हरी मंदिर के पास घटी थी। हत्या रात तकरीबन दो बजे की गई थी। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को जेल भेजा था। अमूल्यो कर्मकार के अलावा, रविदास और विश्वनाथ मुंडा जेल भेजे गए थे।




