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गुड़ाबांदा में 25 बंद स्कूल फिर से खोलने की मांग, जिला परिषद सदस्य शिवनाथ मांडी की मुख्यमंत्री से की गुहार

Jamshedpur (Jharkhand) : जिला परिषद पूर्वी सिंहभूम के गुड़ाबांदा क्षेत्र से सदस्य शिवनाथ मांडी ने राज्य के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गुड़ाबांदा प्रखंड के 25 बंद पड़े स्कूलों (Gurabanda Closed Schools) को पुनः खोलने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि साल 2014 से 2019 के दौरान तत्कालीन सरकार के समय आदिवासी सुदूर ग्रामीण इलाकों के कई स्कूल बंद कर दिए गए, जिससे हजारों आदिवासी बच्चे शिक्षा से वंचित हो गए हैं।

शिवनाथ मांडी ने पत्र में उल्लेख किया है कि गुड़ाबांदा प्रखंड एक आदिवासी और जंगल से सटा सुदूर ग्रामीण क्षेत्र है, जहां आज भी यातायात और बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। ग्राम माकड़ी टोला धातकीडीह जैसे इलाकों में आदिम जनजाति के लगभग 40 बच्चे रहते हैं, लेकिन वहां का प्राथमिक विद्यालय (Gurabanda Closed Schools) बंद है। ऐसे में बच्चों को पढ़ाई के लिए तीन किलोमीटर या उससे अधिक दूरी तय करनी पड़ती है, जो व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है।

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उन्होंने आरोप लगाया कि शहरी क्षेत्रों में स्कूल बंद नहीं किए गए, जबकि आदिवासी बहुल ग्रामीण इलाकों में योजनाबद्ध तरीके से स्कूलों को बंद किया गया। इससे आदिवासी बच्चों को शिक्षा से दूर रखने की स्थिति बनी है। पत्र में अर्जुनबेड़ा जनबनी, भुडरुबनी, घाघराडीह, बेड़ीडांगर, कारामघुटू, मदीघुटू, तितुलडांगा, लाउपाड़ा, बाबुरामगढ़, सापुवा, माकड़ी धातकीडीह सहित कुल 25 स्कूलों की सूची भी दी गई है, जो सालों से बंद पड़े हैं।

जिला परिषद सदस्य ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि गुड़ाबांदा प्रखंड की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी बंद स्कूलों की जांच कर उन्हें दोबारा खोलने की अनुमति दी जाए, ताकि आदिवासी और गरीब बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके। इस पत्र की प्रतिलिपि उपायुक्त और उप विकास आयुक्त पूर्वी सिंहभूम को भी भेजी गई है।

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