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गैंगस्टर के आरोपियों पर कार्रवाई के बाद बुजुर्ग मां-बाप खुले आसमान के नीचे बिता रहे रात, बेटे की कारस्तानी की भुगत रहे सजा

गौकशी के आरोप में जेल जा चुके बसपा नेता समेत 5 लोगों पर आखिर पुलिस कब करेगी गैंगस्टर की कार्रवाई

इमरान हैदर रिजवी, कौशांबी :
कौशांबी ज़िले के मंझनपुर थाना क्षेत्र स्थित स्थानीय क़स्बे में प्रशासन द्वारा कुर्क किए गए आशियाने के कारण मजदूर परिवार पूरी रात आग जला कर खुले आसमान के नीचे गुजार रहे हैं। शमीम अहमद और शाहीन के परिवार का इन हालातों में रहना मजबूरी है। चप्पल बनाने का काम करने वाले शमीम अहमद और बीड़ी बना का काम करने वाले शाहीन के परिवार के पास सिर छिपाने के लिए और कोई छत नहीं है। परिवार के लोगों का कहना है कि इस घर को हम लोगों ने खून पसीने की कमाई से बनाया था। इसमें आरोपी शकील का एक पैसा भी नही लगा है। फिर भी पुलिस प्रशासन ने क्यों परिवार को बाहर कर दिया। इसका जवाब कोई नही दे रहा है। मकान में सील करते मंजर को देखकर परिवार सहमा रहा। न चूल्हा जला और न नींद आई। लाचार बेबस परिवार हल्की ठिठुरन के बीच इधर-उधर करवटें बदलता रहा। कार्रवाई करने पहुंचे पुलिस प्रशासन का कहना था कि अधिकारियों के आदेश पर यह सब करना उनका फर्ज है। उधर, पीड़ित परिवार चीख-चीखकर कह रहा है कि लड़के की सज़ा बुजुर्ग माँ-बाप को क्यों दी जा रही है। ताकि आरोपी लड़के का इस मकान में एक भी रुपए नही लगा है।
पुलिस के पहरे में हुई कार्रवाई
मंझनपुर कोतवाली के नया नगर में पुलिस ने शनिवार को चार घरों में कुर्की की कार्रवाई संपन्न की। पुलिस ने मोहम्मद जावेद उर्फ राजू पुत्र नवाब, शकील पुत्र शमीम अहमद, नईम उर्फ मामा पुत्र शाहीन और सनाउल्लाह पुत्र भुल्लन के घरों की कुर्की की है। पुलिस इनके घरों को सील कर दिया। गौरतलब है कि इन चारों अभियुक्तों के खिलाफ गोवंश की तस्करी करने के आरोप में गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी। इसी को लेकर शनिवार को महेवाघाट कोतवाल ने कुर्की की कार्रवाई पूरी की, इस दौरान भारी पुलिस फोर्स मौजूद रही।
युवक की गांजा तस्करी की सजा भुगत रहा भाई, घर हो गया सील खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर
सरायअकिल थाना क्षेत्र के बसुहार गाँव मे गांजा तस्कर के जिस मकान पर कुर्क की कार्यवाही की गई है। उसी मकान में रहने वाले उसके भाई श्याम मिश्रा ने अपने पूरे परिवार के साथ मकान के बाहर बैठे हुए हैं। उनका कहा है कि ये मकान पुश्तैनी था। जिसमें हमारा भी अधिकार है। इसमें पूरा परिवार रहता था। लेकिन प्रशासन ने हम सब को बाहर कर मकान को भी कुर्क कर दिया। हम लोग रात भर ठंड में बैठे रहे। हमारे पास कोई दूसरा मकान नहीं है। हम कहा जाए। श्याम मिश्रा ने यूपी के मुख्यमंत्री से रहम की भीख मांगी है।
बड़े राजनीतिज्ञों को मिली हुई है छूट
गौकशी के मामले कुछ माह पूर्व बसपा नेता सहित 5 लोगो को मंझनपुर पुलिस ने जेल भेजा था। लेकिन उस पर गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही आज तक नही की गई। पुलिस की कार्यवाही पर लोग सवाल उठा रहे है।

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