Jamshedpur (Jharkhand ) : पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड अंतर्गत मानपुर पंचायत के सावनाडीह गांव में बच्चा चोर (Potka Child Lifter) की अफवाह ने शनिवार को बड़ा बवाल खड़ा कर दिया। डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए गांव पहुंचे कृषि विभाग के सर्वेयर तपन मन्ना को संदेह के आधार पर ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा, जिससे सरकारी कार्य बाधित हो गया।
राज्य सरकार के निर्देश पर पूरे झारखंड में डिजिटल क्रॉप सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में तपन मन्ना जमशेदपुर के पोटका प्रखंड स्थित सावनाडीह गांव पहुंचे थे। वे मोबाइल एप के माध्यम से किसानों की जमीन, फसल और प्लॉट से संबंधित आंकड़े दर्ज कर रहे थे। खेतों का भौतिक सत्यापन करते हुए अलग-अलग स्थानों पर जाने के दौरान कुछ ग्रामीणों को उन पर शक हो गया।
बताया जा रहा है कि गांव में पहले से बच्चा चोरी (Potka Child Lifter) की अफवाह फैली हुई थी। इसी आशंका में करीब 50 से 60 ग्रामीण, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने सर्वेयर से पूछताछ की, उनका मोबाइल फोन और पहचान पत्र जांचा तथा एहतियात के तौर पर उन्हें गांव के जाहेर थान में बैठा दिया गया।
सूचना मिलने पर मानपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि तारिणी सेन सरदार, ग्राम प्रधान मंगल मांझी और किसान मित्र मौके पर पहुंचे। उन्होंने सर्वेयर के विभागीय दस्तावेजों की जांच कर ग्रामीणों को समझाया कि तपन मन्ना कृषि विभाग के अधिकृत कर्मचारी हैं। इसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें मुक्त किया।
सर्वेयर तपन मन्ना ने बताया कि उन्होंने गांव में आने से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सर्वे की जानकारी दी थी, बावजूद इसके अफवाह के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने पूरे मामले की सूचना प्रखंड तकनीकी प्रबंधक कौशल झा को दी।
प्रखंड तकनीकी प्रबंधक कौशल झा ने बताया कि पोटका प्रखंड में करीब 2 लाख 79 हजार प्लॉट का डिजिटल क्रॉप सर्वे कराया जा रहा है। यह कार्य उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देश पर हो रहा है, ताकि किसानों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी ढंग से मिल सके।
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वहीं, पोटका थाना प्रभारी सन्नी टोप्पो ने स्पष्ट किया कि अफवाह के आधार पर किसी को घेरना या बंधक बनाना कानूनन अपराध है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध स्थिति में पुलिस को तुरंत सूचना दें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




