Jamshedpur : जमशेदपुर के गोविंदपुर से पीपला को जोड़ने वाला मुख्य सड़क मार्ग इन दिनों दुर्घटनाओं का हॉटस्पॉट (Jamshedpur Road Accident) बनता जा रहा है। भारी मालवाहक वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही और सड़क किनारे अवैध पार्किंग के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही से आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ गई है। ऐसे में क्षेत्रवासियों ने इस मार्ग पर तय समय के लिए नो एंट्री और सख्त नो पार्किंग व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई है।
नागरिकों के अनुसार सड़क निर्माण कार्य अभी अधूरा है, फिर भी भारी ट्रकों और ट्रेलरों का परिचालन शुरू कर दिया गया है। घनी आबादी वाले इस इलाके में स्कूली बच्चे, महिलाएं और नौकरीपेशा लोग रोजाना आवागमन करते हैं, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। पिछले एक वर्ष में छोटी-बड़ी दुर्घटनाओं (Jamshedpur Road Accident) की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिससे लोगों में डर का माहौल है।
बीते 19 अक्टूबर को इसी मार्ग पर हुए एक गंभीर हादसे में एक परिवार बुरी तरह प्रभावित हुआ। पीड़ितों ने इलाज पर अब तक 10 से 12 लाख रुपये खर्च कर दिए हैं, लेकिन वे अब भी पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो सके हैं। इस मामले में गोविंदपुर थाना में केस दर्ज है और जांच जारी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि आसपास की कंपनियां लोडिंग-अनलोडिंग के बाद अपने मालवाहक वाहनों को सड़क पर ही खड़ा कर देती हैं, जिससे जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। लोगों ने प्रशासन से कंपनियों को अलग पार्किंग स्थल उपलब्ध कराने और नो एंट्री समय समाप्त होने के बाद ही भारी वाहनों को प्रवेश देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
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गौरतलब है कि अन्ना चौक से माँ मनोकामना काली मंदिर होते हुए शेषनगर तक कॉरिडोर निर्माण का प्रस्ताव पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्यकाल में पारित हुआ था, लेकिन अब तक इस दिशा में काम शुरू नहीं हो सका है। स्थानीय जनता ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर सुरक्षा उपाय लागू करने की अपील की है, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।




