Jamshedpur (Jharkhand): झारखंड में प्रस्तावित नगर निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी कड़ी में कांग्रेस के सह प्रभारी भूपेंद्र मरावी (Mango Nagar Nigam Mayor) के नेतृत्व में वरिष्ठ नेताओं की एक टीम मंगलवार को जमशेदपुर पहुंची। बिष्टुपुर स्थित तिलक पुस्तकालय में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की अहम बैठक हुई, जिसमें नगर निकाय चुनाव के लिए संभावित उम्मीदवारों को लेकर मंथन किया गया।
बैठक में झारखंड कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष व पूर्व मंत्री बंधु तिर्की, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह, नेता राकेश साहू सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस दौरान मानगो नगर निगम, जुगसलाई नगर परिषद और चाकुलिया नगर पंचायत को लेकर विशेष चर्चा की गई। सह प्रभारी भूपेंद्र मरावी ने मानगो नगर निगम के सभी 36 वार्डों की सूची भी (Mango Nagar Nigam Mayor) प्राप्त की।
Mango Nagar Nigam Mayor : मानगो मेयर पद को लेकर मंथन, सुधा गुप्ता के नाम पर चर्चा
सूत्रों के अनुसार, बैठक में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने अपनी पत्नी सुधा गुप्ता के नाम का प्रस्ताव मानगो नगर निगम के मेयर पद के लिए रखा। हालांकि, अंदरखाने कुछ नेताओं ने परिवारवाद को लेकर आपत्ति भी जताई। वहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि उम्मीदवार वही होना चाहिए जिसमें चुनाव जीतने की क्षमता हो। मानगो क्षेत्र में बन्ना गुप्ता की मजबूत पकड़ को देखते हुए यह दावा चर्चा में रहा।
संगठन सृजन अभियान पर जोर
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सह प्रभारी भूपेंद्र मरावी ने कहा कि कांग्रेस संगठन सृजन अभियान के तहत जमीनी स्तर तक संगठन को मजबूत कर रही है। पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि पार्टी का लक्ष्य अंतिम पायदान तक नेतृत्व को सशक्त बनाना है, ताकि चुनावी चुनौतियों का मजबूती से सामना किया जा सके।
सरायकेला और चाईबासा का भी दौरा
बंधु तिर्की ने बताया कि जमशेदपुर के बाद टीम सरायकेला और फिर पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा जाएगी। वहां भी नगर निकाय चुनाव और संगठन की मजबूती को लेकर बैठकें होंगी। साथ ही आदिवासी कांग्रेस, सेवादल, यूथ कांग्रेस, किसान मोर्चा और एनएसयूआई जैसे सहयोगी संगठनों को सक्रिय करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
28 दिसंबर को कांग्रेस स्थापना दिवस
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 28 दिसंबर, कांग्रेस के स्थापना दिवस पर सभी कांग्रेसी अपने-अपने घरों में पार्टी का झंडा लगाएंगे। नेताओं ने केंद्र सरकार पर निजीकरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि संगठन मजबूत कर आने वाले चुनावों में जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाया जाएगा।




