Jamshedpur (Jharkhand ) : मानगो नगर निगम के मेयर पद के लिए मंगलवार को सुधा गुप्ता (Mango Mayor Candidate) ने सादगी, विश्वास और जनसमर्थन के बीच अपना नामांकन दाखिल किया। यह सिर्फ एक चुनावी प्रक्रिया नहीं, बल्कि सेवा, संघर्ष और जनभावनाओं से जुड़ी एक भावनात्मक यात्रा का प्रतीक बन गया।
नामांकन से पहले उनके आवास पर एक भावुक दृश्य देखने को मिला। उनके जीवनसाथी और झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने स्वयं कार का दरवाजा खोलकर उन्हें बैठाया और शुभकामनाओं के साथ विदा किया। यह क्षण दंपति के आपसी सम्मान, विश्वास और वर्षों से जनता की सेवा के संकल्प को दर्शाता है।
घर से निकलने से पूर्व सुधा गुप्ता ने पूजा-अर्चना कर ईश्वर का आशीर्वाद लिया। इसके बाद कदमा स्थित रंकिणी मंदिर और मानगो के बड़ा हनुमान मंदिर में मत्था टेककर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
नामांकन के दौरान समाज के हर वर्ग का समर्थन भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। मुस्लिम समाज से डॉ. मोहम्मद जकारिया, सिख समाज से गुरुद्वारा प्रधान भगवान सिंह, ब्राह्मण समाज से बिपिन झा, वैश्य समाज से भगवान प्रसाद और लीला गुप्ता, क्रिश्चियन समाज से डेविड पूर्ति तथा विश्वकर्मा समाज से राजेश शर्मा सहित कई गणमान्य लोग प्रस्तावक के रूप में उपस्थित रहे। यह उपस्थिति इस बात का संकेत है कि सुधा गुप्ता को सभी समुदायों का व्यापक समर्थन प्राप्त है।
नामांकन के बाद सुधा गुप्ता (Mango Mayor Candidate) ने कहा कि यह चुनाव किसी पद के लिए नहीं, बल्कि मानगो की हर बेटी, हर माँ और हर परिवार के सपनों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
सादगी बनी पहचान, नहीं किया शक्ति प्रदर्शन
सुधा गुप्ता का नामांकन पूरी तरह सादगी भरा रहा। न कोई रैली निकाली गई और न ही भीड़ जुटाई गई। इस बारे में उन्होंने कहा कि फ्लाईओवर निर्माण कार्य के कारण सड़कों पर पहले ही दबाव है। ऐसे में भीड़ जुटाने से आम जनता को जाम और परेशानी होती। इसलिए उन्होंने केवल समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ शांतिपूर्ण तरीके से नामांकन करने का निर्णय लिया।
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उनका यह कदम जनता की सुविधा और जिम्मेदार नेतृत्व की सोच को दर्शाता है। मानगो में इसे बदलाव और सशक्त नेतृत्व की नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।




